अपनी अंतिम फिल्म 'जीरो' के फ्लॉप होने बाद से ही हिंदी सिनेमा के किंग खान शाहरुख के फैंस उनकी किसी नई फिल्म के ऐलान की आस लगाए बैठे हुए हैं। ऐसे में पिछली कुछ फिल्मों के फ्लॉप होने से भय में बैठे शाहरुख ने अपने किसी नए प्रोजेक्ट को तवज्जो न देते हुए, अपनी अब तक की कमाई हुई विरासत को समेटना शुरू कर दिया है।
खबर है कि शाहरुख खान ने हाल ही में अपने प्रोडक्शन हाउस रेड चिली एंटरटेनमेंट के बैनर तले इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) से थोक में 61 फिल्मों के शीर्षक पंजीकृत करवाए हैं। इन फिल्मों में ज्यादातर फिल्में खुद शाहरुख की ही हैं, और कुछ फिल्में दूसरे कलाकारों पर फिल्माई गई हैं।
एक सूत्र के मुताबिक, 'शाहरुख ने ज्यादातर अपनी फिल्मों, जैसे; स्वदेस, राम जाने, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी, वन 2 का 4, ओह डार्लिंग ये है इंडिया, ओम शांति ओम, पहेली, अंजाम, अशोका, बिल्लू बार्बर, चाहत, चलते चलते, चमत्कार, देवदास, दिल से, इंग्लिश बाबू देसी मेम, हे राम, हम तुम्हारे हैं सनम, इनर वर्ल्ड ऑफ एसआरके, काल, कभी हां कभी ना, मैं हूं ना, माया मेमसाब आदि के शीर्षक अपनी प्रोडक्शन कंपनी रेड चिली एंटरटेनमेंट के लिए पंजीकृत करवाए हैं।'
सूत्र ने आगे बताया, 'शाहरुख ने कुछ और फिल्मों के शीर्षक भी पंजीकृत करवाए हैं जिसमें उन्होंने अभिनय नहीं किया है। जैसे; आमिर खान की फिल्म राजा हिंदुस्तानी, अक्षय कुमार की फिल्म ऐलान, गोविंदा की फिल्म शिकारी और अभिषेक बच्चन की फिल्म युवा।' सूत्र से इसी कड़ी में अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, 'शाहरुख खान शायद इन फिल्मों का रीमेक बनाने, या किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने, या अपने प्रोडक्शन हाउस में संजो कर रखना चाहते होंगे। सही बात तो तभी पता चलेगी जब खुद शाहरुख इन फिल्मों के शीर्षकों को रजिस्टर्ड करवाने के बारे में ऐलान करेंगे।'