बॉलीवुड के मशहूर प्रोड्यूसर सशाधर मुखर्जी का आज जन्मदिन है। बॉम्बे टॉकीज के साथ अपने करियर की शुरुआत करने वाले सशाधर ने कई बेहतरीन फिल्में बनाईं। दिल देके देखो, लव इन शिमला, एक मुसाफिर एक हसीन और लीडर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाने वाले मुखर्जी को साल 1967 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। साल 1990 में उनका निधन हो गया था। ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि एक्ट्रेस साधना शोहरत दिलाने वाले प्रोड्यूसर सशाधर मुखर्जी ही थे।
साधना को जो शोहरत हासिल हुई वो सशाधर मुखर्जी की फिल्म 'लव इन शिमला' की वजह से मिली थी। ये फिल्म करने के बाद साधना रातों रात स्टार बन गई थीं। फैंस उनके हेयरस्टाइस से लेकर उनके कपड़ों को भी कॉपी करने लगे थे।
प्रोड्यूसर सशाधर मुखर्जी अपने बेटे जॉय मुखर्जी को हिंदी सिनेमा में बतौर अभिनेता लांच करना चाहते थे। इसलिए सशाधर एक नये चेहरे की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान साधना ने सिंधी फिल्म 'अबाना' की थी और उनकी फोटो एक मैगजीन में छपी थी। सशाधर मुखर्जी ने मैगजीन की वो फोटो देखी और साधना को अपनी फिल्म 'लव इन शिमला' कास्ट कर लिया गया।
फिल्म के डायरेक्टर आर.के. नैय्यर ने इस फिल्म में साधना का ऐसा लुक चाहते थे जो पहले हिंदी सिनेमा में कभी न देखा गया हो और इसीलिए उन्होंने इसे लेकर काफी एक्सपेरीमेंट किए थे। उसी दौरान हॉलीवुड की मशहूर अदाकारा औड्रे हेपबर्न की फिल्म रिलीज हुई थी। फिल्म में औड्रे का हेयर स्टाइल आर.के. नैय्यर को बहुत पसंद आया और फिर नैय्यर ने नई नवेली साधना को इसी हेयर कट के साथ सिनेमा स्क्रीन पर उतारा। उनका आइडिया काम कर गया और ये हेयर स्टाइल साधना कट के नाम से लोकप्रिय हुआ।
हालांकि बाद में साधना का ये हेयरस्टाइल उनके लिए मुसीबत भी बना। बिमल रॉय की फिल्म में काम करने के लिए साधना को अपने बालों में क्लिप लगाना पड़ा ताकि वह गांव की सुंदर सुशील लड़की दिख सकें। साधना ने 'मेरा साया', 'राजकुमार', 'मेरे महबूब' और 'वो कौन थी' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में अभिनय किया।
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