कहते हैं जिंदगी में जेल में रहना सबसे ज्यादा कष्टदायी होता है, वह भी एक ऐसे शख्स के लिए जिसने ऐशोआराम और शोहरत की जिंदगी जी हो। उसके लिए तो जीते जी यह एक नर्क का अहसास कराता है।
जेल काटकर लौटा आदमी पार्टियों में हीरोइनों संग कैसा व्यवहार करता है
खुद संजय दत्त ने एक साक्षात्कार में स्वीकार किया कि जेल में उन्हें बेहद कठिन समय बिताना पड़ा। ऐसे में जब वो अपने कैरिकर के एक अहम पड़ाव पर थे, उन्हें लगातार अच्छी फिल्में मिल रही थी।
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ऐसे में वो दो साल से अधिक समय तक के लिए जेल चले गए। लेकिन बीती फरवरी मे जब वो वापस लौटे तो उनके सामने फिर से वही जिंदगी थी, जिसे छोड़कर वह जेल गए थे। लेकिन इस बार वो संजय दत्त नहीं थे, जो जेल गए थे।
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असल में जेल में रहने के दौरान संजय की जिंदगी की कई असल सच्चाइयों से वास्ता पड़ा। जहां उन्हें इंसान की जिंदगी और उसकी कठिनाइयों से वास्ता पड़ा। संजय पर हुए इस असर को आपको उस अवार्ड शो की तस्वीरें देखकर अंदाजा लग जाएगा, जिसमें जेल से आने के बाद पहली बार संजय किसी अवार्ड शो में पहुंचे थे।
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जी हां, बीती रात संजय दत्त ने जेल से रिहा होने के बाद पहली बार आधिकारिक तौर पर मुंबई में आयोजित एक अवार्ड फंक्शन में शिकरत की। यहां साफ दिखा कि उन्हें उन लोगों में कितनी चिलचस्पी आ गई है, जो कठिन दौर से गुजर रहे हैं।