पालघर की घटना पर जल्द ही फिल्म देखने को मिलेगी। 'महाभारत' में 'दुर्योधन' बने अभिनेता पुनीत इस्सर इस फिल्म में मुख्य किरदार में दिखेंगे। गुरुवार को इस फिल्म का टाइटल सॉन्ग और पोस्टर का विमोचन दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में किया गया। इस मौके पर संत समुदाय के लोग भी उपस्थित थे।
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पुनीत इस्सर
- फोटो : instagram/impuneetissar
फिल्म ‘संहार’ के टाइटल संगीत और पोस्टर के विमोचन के मौके पर संतों ने पालघर की घटना पर रोष व्यक्त किया। विमोचन समारोह में पहुंचे जूना अखाड़ा हरिद्वार के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी नरेन्द्रानंद गिरि, महामंत्री स्वामी हरि गिरि जी, हिंदू धर्म आचार्य सभा के संयोजक और महामंत्री स्वामी परमात्मानंद सरस्वती मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद महेश गिरि ने की। इस अवसर पर फिल्म के निर्माता पुनीत इस्सर और निर्देशक सिद्धांत इस्सर ने फिल्म की कहानी से संतों को अवगत किया।
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पुनीत इस्सर
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संतों ने इस मौके पर एक स्वर में कहा कि आज गौ माता और संतों की महिमा पर आधारित फिल्म नहीं की जाती। बॉलीवुड का कार्य समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का है। समाज में एक मैसेज देना है। नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाना है, परंतु पालघर की घटना पर किसी भी बॉलीवुड के अभिनेता अभिनेत्री या इससे जुड़े हुए व्यक्तियों ने एक आवाज तक नहीं उठाई। आशीर्वाद देने आए संतों ने पुनीत इस्सर का धन्यवाद व्यक्त किया। कहा कि पहली बार कोई भी बॉलीवुड का अभिनेता, निर्देशक इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए सामने आया है। इस पर फिल्म बनाने का विचार किया है।
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संतों ने कहा कि पालघर की घटना बड़ी ही निंदनीय है। यहां निर्दोष साधुओं का वध कर दिया गया। पालघर में धर्मांतरण करने वाले हावी हैं, जो उस मार्ग से गुजरने वाले साधु संतों को अन्यथा परेशान करते हैं। मौका मिलने पर उनसे दुर्व्यवहार भी करते हैं। संतों ने कहा जो धर्म की रक्षा करते हैं धर्म उनकी रक्षा करता है।
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संतों ने एक स्वर में कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ-माता का स्थान देव तुल्य है इसलिए गौ माता को कामधेनु माना गया हैं। भविष्य की जननी गौ माता को मस्तक झुका कर प्रणाम करता हूं। संहार फिल्म की शूटिंग पालघर में हुई है इस फिल्म में गौमाता, धर्म के महत्व पर पर ध्यान केंद्रित किया गया है।