फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   nila madhab odia film kalira atita selected in panorama section of international film festival of india

इफ्फी के पैनोरमा सेक्शन की फिल्मों का एलान, नील माधब पांडा की पहली उड़िया फिल्म का सेलेक्शन

Sun, 20 Dec 2020 07:39 AM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: shrilata biswas Updated Sun, 20 Dec 2020 07:39 AM IST
विज्ञापन
nila madhab odia film kalira atita selected in panorama section of international film festival of india
कलीरा अतीता - फोटो : फिल्म

फिल्मकार नील माधब पांडा की फिल्म 'कलीरा अतीता (Kalira Atita)' को गोवा में होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया यानी इफ्फी के पैनोरमा खंड में प्रदर्शित करने के लिए चुना गया है। हर साल होने वाला यह फिल्म महोत्सव इस साल कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए आयोजित नहीं किया गया था। लेकिन अब इसको सम्पन्न होने के लिए एक नई तारीख मिल गई है।

विज्ञापन


सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को अगले साल 16 जनवरी से 24 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले इफ्फी में प्रदर्शित होने वाली फिल्मों की सूची जारी की है। इस सूची में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म 'छिछोरे', तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर की फिल्म 'सांड की आंख' समेत 23 फीचर फिल्में और 20 नॉन फीचर फिल्में शामिल हैं। इन्हीं में से एक है उड़िया भाषा की फिल्म 'कलीरा अतीता'।

विज्ञापन

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक नील माधब पांडा की पहली उड़िया फिल्म 'कलीरा अतीता' 16वीं सदी के एक संत अच्युतानंद की भविष्यवाणी पर आधारित है। अच्युतानंद की भविष्यवाणी कहती है कि बंगाल की खाड़ी में अगर ग्लोबल वार्मिंग के चलते इसी तरह जलस्तर बढ़ता गया तो बहुत ही जल्द समुद्र का पानी उड़ीसा के पुरी शहर को डुबा देगा। यह बात उन्होंने अपनी मशहूर किताब 'अच्युतानंद मालिका' में भी लिखी है।

फिल्म 'कलीरा अतीता' के निर्देशक नील माधब को इस बात की बहुत खुशी है कि उनकी फिल्म इफ्फी के पैनोरमा सेक्शन में प्रदर्शित होने के लिए चुनी गई है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए नील ने कहा, 'कलीरा अतीता मेरी पहली उड़िया फिल्म है और मैं बहुत खुश हूं कि इस फिल्म की यात्रा की शुरुआत प्रतिष्ठित इफ्फी समारोह से हो रही है। यह वास्तव में इस साल की सबसे अच्छी खबरों में से एक है और मुझे आशा है कि आने वाला साल भी खुशियां लेकर आएगा।'

नील माधब को सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण संरक्षण, बाल मजदूरी, शिक्षा, पानी की समस्या, आदि कल्याणकारी विषयों पर फिल्में बनने के लिए जाना जाता है। 'आई एम कलाम', 'जलपरी', 'कौन कितने पानी में', 'कड़वी हवा', 'हल्का' जैसी फिल्में उन्होंने ही बनाई हैं। 'कलीरा अतीता' को बनाने का कारण भी उन्होंने बताया है कि भविष्य इससे भी अछूता नहीं रहेगा। नील माधब ने कहा, 'यह फिल्म एक कड़वी सच्चाई की ओर इशारा करती है कि जलवायु परिवर्तन ने लोग वास्तव में अपना जीवन खो रहे हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed