फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Naynnah Mukey Exclusive Interview With Amar Ujala Talks About Fair and Dusky Skin

फेयर एंड लवली के फैसले पर नयना मुके की ऐसी है राय, कहा- 'बदलाव होना इतना आसान नहीं है'

Sat, 04 Jul 2020 02:56 AM IST
प्रतीक्षा राणावत एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रतीक्षा राणावत Updated Sat, 04 Jul 2020 02:56 AM IST
विज्ञापन
Naynnah Mukey Exclusive Interview With Amar Ujala Talks About Fair and Dusky Skin
नयना मुके - फोटो : Social Media

गोरा होना समाज में सुंदरता का पर्याय माना जाता रहा है। इसे लेकर इस समय काफी बहस भी चल रही है। इन दिनों गोरे रंग और सांवले रंग को लेकर बड़ी बहस चल रही है। जिसके चलते फेयर एंड लवली ने भी अपने नाम को बदलने का फैसला किया है। ऐसे में इस बहस ने और बड़ा रूप ले लिया है। इसी बारे में चर्चा करने के लिए अमर उजाला ने मशहूर मराठी अभिनेत्री नयना मुके के साथ बातचीत की।

विज्ञापन


नयना मुके ने इस बारे में खुलकर अपने विचार रखे। नयना से जब सवाल किया गया कि आखिर क्यों फेयर ही लवली होता है? क्यों डस्की कलर खूबसूरत नहीं हो सकता? इस सवाल के जवाब में नयना ने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है ये अपना एक परसेप्शन होता है। और देखने का नजरिया होता है। और सोसाइटी को ये एक्सेप्ट करने में वक्त लगेगा। क्योंकि बचपन से ये सारी चीजें शुरू हो जाती हैं। हमारे आस- पास के लोग भी यही बोलते हैं।'
विज्ञापन


पढ़ें: कोरोना के कारण किराना दुकान चलाने को मजबूर हुआ ये फिल्म निर्देशक, कहा- 'मैं इस काम से खुश हूं'
विज्ञापन
विज्ञापन


आगे नयना कहती हैं, 'स्कूल में भी हम यही सुनते हैं। फिर हम कॉलेज जाते हैं वहां पर भी हमें यही सब सुनने को मिलता है। फिर करियर पॉइंट आता है। हर फील्ड चाहें आई टी सेक्टर हो या फिर कॉरपोरेट सेक्टर। मुझे लगता है कि हर सेक्टर में हमें ये देखने को ही मिलता है।' आगे नयना ने उदाहरण देते हुए बताया कि, 'हम स्कूल भी जाते हैं वहां भी तो ब्लैक बोर्ड होता है। जिस पर हम सफेद चॉक से लिखते हैं।' 


नयना ने कहा, 'मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं इस चीज को लेकर हमारे मन में ये दुख है कि वो चीजें लोगों के समझ में नहीं आ रही हैं पर जैसे सोसाइटी में बदलाव लाने के लिए बहुत सी चीजें होती हैं। जैसे थियेटर होता है, फिल्में होती हैं। इनके जरिए बदलाव लाया जा सकता है। हमें इस मीडियम को यूटिलाइज करना चाहिए। मानती हूं कि बदलाव होना इतना आसान नहीं हैं लेकिन हम इससे कोशिश तो कर ही सकते हैं।'

नयना का भी मानना यही है कि रंगभेद नहीं होना चाहिए। किसी को उसके रंग के आधार पर परखा नहीं जाता और ना ही ऐसा किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि नयना मुके मराठी अदाकारा हैं। वो एक थियेटर आर्टिस्ट भी हैं और कई सारे टीवी सीरियल्स में भी काम कर चुकी हैं। नयना न सिर्फ छोटे बल्कि बड़े पर्दे पर भी सक्रिय हैं।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed