देश के पहले सुपरहीरो टीवी शो 'शक्तिमान' की यादें आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं। आज भी लोग इन कलाकारों को उनके किरदारों के नाम से ही पहचानते हैं। बच्चों की पंसदीदा कलाकारों की लिस्ट में शुमार शो ने 8 साल तक फैंस का मनोरंजन किया। लेकिन फैंस के दिमाग में एक सवाल था आखिर शक्तिमान शो से पुरानी गीता विश्वास को क्यों बदल दिया गया था?
तो इस वजह से 'शक्तिमान' में बदल गई थी गीता विश्वास, मुकेश खन्ना ने बताई वजह
अब लगभग 20 साल बाद मुकेश खन्ना ने अपने फैंस के सवालों का जवाब दिया है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल 'भीष्म इंटरनेशनल' पर इस बात का खुलासा किया है। मुकेश खन्ना कहते हैं, 'मेरे शक्तिमान के दोस्त ये पूछते रहते हैं कि आपने शो में गीता विश्वास को क्यों चेंज कर दिया? कई सालों तक हमने ये बात किसी को नहीं बताई मगर अब मैं समझता हूं कि वक्त आ गया है कि आपको मैं यह बता दूं कि क्यों हमने शक्तिमान में किटू गिडवानी को चेंज करके गीता विश्वास के लिए वैष्णवी को चुना।
बता दें कि इसके बाद वैष्णवी ने शक्तिमान में गीता विश्वास का किरदार निभाया था। अपने इस किरदार के कारण उन्हें घर घर तक पहचान मिली। उनकी शोहरत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब उनके किरदार को शो से बाहर किया गया था तो फैंस, मेकर्स से उन्हें वापस लाने की डिमांड करने लगते हैं। शो में वह एक पत्रकार के तौर पर थी, जिसने शक्तिमान के बारे में पहली बार दुनिया को रूबरू करवाया था। वैसे तो वैष्णवी ने अपने करियर में तमाम फिल्में भी की हैं लेकिन आज तक लोग उन्हें गीता विश्वास के तौर पर ही जानते हैं।
इससे पहले मुकेश खन्ना ने कहा कि भारत डेमोक्रेसी का नुकसान उठा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने देश में टू पार्टी सिस्टम की वकालत की है। मुकेश खन्ना ने ये बातें अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किए गए वीडियो में कही हैं। वह कहते हैं कि 'भारत दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी मानी जाती है। सुनकर अच्छा लगता है लेकिन मुझे दुख तब होता है जब हम उस डेमोक्रेसी का फायदा नहीं नुकसान उठाते रहते हैं। आप पूछेंगे कि डेमोक्रेसी का हम नुकसान कैसे उठा सकते हैं। डेमोक्रेसी तो एक स्वतंत्रता है। हम कुछ भी बोल सकते हैं। अभिव्यक्ति की आजादी है। यह अच्छी बातें हैं लेकिन धीरे धीरे इंसान शातिर होता जाता है तो जब वह कहता है कि कानून अंधा होता है यह उसका फायदा उठाने लगते हैं। हमारे यहां कहा जाता है कि जिस दिन कानून बनता है उस कानून को कैसे तोड़ा जाए इस पर काम शुरू हो जाता है।'