एक्टर ऋतिक रोशन बॉलीवुड में तीन दशकों से हैं और इस दौरान उन्होंने कई हिट फिल्में दीं और अवॉर्ड जीते, लेकिन अपने करियर में उन्होंने कुछ ऐसी फिल्में भी की हैं जिन पर उन्हें खुद भी अफसोस होता होगा। आइए डालते हैं एक नजर ऋतिक की उन फिल्मों पर जो उनके करियर के लिए सही साबित नहीं हुईं।
अपनी इन 8 फिल्मों को याद भी नहीं रखना चाहेंगे ऋतिक
सबसे पहले बात 2000 में आई फिल्म 'फिजा' की। इस फिल्म में ऋतिक ने एक ऐसा किरदार निभाया जिसमें वो 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट में लापता होने के बाद आतंकवादी बन जाता है। फिल्म में ऋतिक के अलावा करिश्मा कपूर भी थीं जो ऋतिक की बहन के किरदार में दिखीं। फिल्म की कहानी अच्छी थी पर शायद दर्शकों को ये फिल्म रास नहीं आई।
अपनी इन 8 फिल्मों को याद भी नहीं रखना चाहेंगे ऋतिक
इसके बाद 2001 में आई सुभाष घई की फिल्म 'यादें' का भी यही अंजाम हुआ। फिल्म में ऋतिक रोशन और करीना कपूर की जोड़ी थी। दोनों की केमेस्ट्री को काफी पसंद किया गया और इस दौरान उनके अफेयर के चर्चे भी खूब उड़े लेकिन ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही।
अपनी इन 8 फिल्मों को याद भी नहीं रखना चाहेंगे ऋतिक
'आप मुझे अच्छे लगने लगे' फिल्म 'कहो ना प्यार है' के बाद ऋतिक रोशन और अमीषा पटेल की दूसरी फिल्म थी। फिल्ममेकर ने इसमें ऋतिक और अमिषा की पहली फिल्म की सफलता को दोहराने की कोशिश की लेकिन असफलता ही मिली क्योंकि फिल्म नहीं चली। 2002 में आई इस फिल्म को विक्रम भट्ट ने डायरेक्ट किया था।
अपनी इन 8 फिल्मों को याद भी नहीं रखना चाहेंगे ऋतिक
'ना तुम जानो ना हम' साल 2002 में आई थी जिसमें ऋतिक और ऐशा देओल लीड रोल में थे। साथ में सैफ अली खान भी थे लेकिन ये फिल्म बिल्कुल नहीं चली और ना ही ऋतिक और ऐशा की केमेस्ट्री को पसंद किया गया।