साल 1985 में राज कपूर की फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' रिलीज हुई थी। इस फिल्म से एक एक्ट्रेस रातों रात सिनेमा की दुनिया में छा गईं। जिनका नाम था यास्मीन जोसेफ यानी मंदाकिनी। मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई 1963 को यूपी के मेरठ में हुआ था। मंदाकिनी के पिता जोसेफ ब्रिटिश थे जबकि उनकी मां मुस्लिम थीं।
मंदाकिनी ने 1985 में बंगाली फिल्म 'अंतारेर भालोबाशा' से फिल्मी दुनिया में डेब्यू किया था। इसी साल उन्होंने 'मेरा साथी' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। 1985 में ही राज कपूर की नजर मंदाकिनी पर पड़ी, उस वक्त उनकी उम्र 22 साल थी। राज कपूर ने 'राम तेरी गंगा मैली' के लिए अपने बेटे राजीव कपूर के अपोजिट मंदाकिनी को कास्ट किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही इसी के साथ मंदाकिनी को फिल्मफेयर ने बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेट भी किया था।
'राम तेरी गंगा मैली' में मंदाकिनी ने कई बोल्ड सीन दिए जिसने उन्हें रातों रात आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया, हालांकि जिस तेजी से उन्होंने सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं उतनी ही जल्दी वो इंडस्ट्री से गायब भी हो गईं। मंदाकिनी 90 के दशक में फिल्म के अलावा अपने अफेयर की खबरों को लेकर भी खूब सुर्खियों में रहीं।
मंदाकिनी का नाम उस वक्त अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ जुड़ा था। इस रिश्ते को हवा तब लगी जब मंदाकिनी और दाऊद की एक तस्वीर सामने आई जो कि शारजाह में एक मैच के दौरान खीचीं गई थी। तस्वीर के बाद मंदाकिनी और दाऊद की नजदीकियों के किस्से उड़ने लगे। जिसका असर मंदाकिनी के करियर पर पड़ा और कोई भी फिल्ममेकर उन्हें अपनी फिल्म में लेने से कतराने लगा।
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'राम तेरी गंगा मैली' में राजीव कपूर और मंदाकिनी
भले ही मीडिया में मंदाकिनी और दाऊद के बीच अफेयर की खबरें चल रही थीं लेकिन मंदाकिनी ने इसे हमेशा खारिज ही किया है। 2005 में एक इंटरव्यू के दौरान तो वो इस सवाल पर भड़क उठी थीं। उन्होंने कहा था कि 'आखिर कब तक मेरा नाम दाऊद के साथ जुड़ता रहेगा। मैं पहले भी कह चुकी हूं कि दाऊद के साथ मेरा कभी अफेयर नहीं रहा है। 10 साल पहले मेरी फोटो दाऊद के साथ आई थी तब मैं शोज के लिए अक्सर विदेश जाती थी।'