बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकार इरफान पठान इस वक्त बड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके लिए इलाज के लिए उन्होंने देर-सवेर विदेश जाने का फैसला लिया है। उनको न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर बताया जा रहा है जो कि दस लाख में से एक को यह बीमारी होती है...आइए जानते हैं आखिर क्या है यह बीमारी..
यह होता है एंडोक्राइन सिस्टम
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इरफान खान बोले उड़ता पंजाब मामले पर
- फोटो : ANI
हार्मोन्स को पैदा करने वाला शरीर का एंडोक्राइन सिस्टम अंत:स्त्रावी बॉडी सेल्स से बना होता है। यह हार्मोन्स और कुछ नहीं कैमिकल तत्व होते हैं जो रक्तवाहिनियों के जरिए प्रवाह करते हैं और शरीर के अन्य अंगों को कार्य करने में मदद करते हैं।
ट्यूमर क्या होता है?
बता दें कि ट्यूमर शरीर में उस भाग को कहा जाता है जो आउट ऑफ कंट्रोल कर एकाएक बढ़ने लगता है। वहीं, धीरे-धीरे यह मांस के लोथड़े जैसा होने लगता है। लेकिन हर ट्यूमर खतरनाक नहीं होता है। इसके कैंसर बनने के बहुत कम चांस होते हैं। लेकिन कैंसर युक्त ट्यूमर घातक साबित होता है और अगर इसका शुरुआती चरण में पता न चले तो यह तेजी से बढ़कर शरीर के अन्य अंगों में भी फैल जाता है। जबकि ऐसा ट्यूमर जिसमें कैंसर नहीं है वह बढ़ता तो है, लेकिन शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलता और इसे बिना किसी नुकसान के आसानी से हटाया भी जा सकता है।
क्या होता है न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर ?
शरीर में जिस जगह हार्मोन्स बनते और रिलीज होते हैं वहां इस तरह का ट्यूमर अपनी जगह बना लेता है। क्योंकि ट्यूमर भी हार्माेन्स बना सकता है इसलिए यह हार्मोन्स वाली जगह फैलते हैं और इसी कारण यह बहुत ही घातक बीमारी को जन्म देता है। दरअसल, जिन सेल्स में यह ट्यूमर पैदा होता है वह हार्मोन्स बनाने वाले एंडोक्राइन सेल्स और नर्व सेल्स का कॉम्बीनेशन होते हैं। इरफान खान ने अपने ट्वीट में ठीक ही लिखा है कि न्यूरो का मतलब सिर्फ दिमागी नसों से नहीं है। न्यूरोक्राइन सेल्स पूरे शरीर में पाए जाते हैं, जैसे- फेफड़ों में, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट जिसमें पेट और आंत भी आते हैं। न्यूरोएंडोक्राइन सेल्स हमारे शरीर में कई तरह के काम करते हैं, जैसे शरीर में हवा और खून के बहाव को फेफड़ों के जरिए बनाए रखना आदि।
ये हैं न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के लक्षण
न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के साथ इस तरह के लक्षण देखे जाते हैं...
फियोक्रोमोसाइटोमा - घबराहट, बुखार, सिरदर्द, पसीना आना, जी मिचलाना, हाई ब्लड प्रेशर, उल्टी, चिपचिपी त्वचा, पल्स का तेज चलना और दिल में घबराहट जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
मेर्केल सेल कैंसर - त्वचा पर दर्द रहित, चमकदार, पक्की गांठ बन सकती हैं, जो लाल, गुलाबी या नीले रंग की हो सकती है।