अभिनेता पंकज त्रिपाठी की फिल्म 'कड़क सिंह' आठ दिसंबर को ओटीटी पर रिलीज होगी। पंकज ने अपने इस शानदार अभिनय की बदौलत इंडस्ट्री में शोहरत कमाई है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने वर्षों के संघर्ष पर खुलकर बात की और फिल्म कड़क सिंह को बाकी सभी फिल्मों से अलग बताया।
2 of 7
पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
एक बातचीत के दौरान पंकज त्रिपाठी ने अभिनय को लेकर अपने अनुभव साझा किए। अभिनेता ने कहा, 'मैं एक नदी की तरह बनना चाहता हूं। ऐसा इसलिए क्योंकि नदी को जिधर भी रास्ता मिलता है, उधर ही बहने लगती है। अभिनय मेरे लिए ऐसा ही है। जिस किरदार में मुझे काम मिलता है, मैं उसी को करने लगता हूं। मैंने अभिनय सीखा है। इसका अध्ययन किया है। अब मैं इसके बारे में दो घंटे तक बात कर सकता हूं।'
यह भी पढ़ें: Tripti Dimri: रणबीर संग काम करने का तृप्ति डिमरी ने साझा किया अनुभव, बोलीं- भविष्य में फिर से...
3 of 7
पंकज त्रिपाठी क्रमिनल जस्टिस सीजन 3
- फोटो : social media
इंडस्ट्री में कई वर्षों के परिश्रम पर पंकज त्रिपाठी ने चर्चा की। अभिनेता ने कहा, 'कई वर्षों की मेहनत के बाद सफलता मिलने पर अच्छा लगता है। इंडस्ट्री में इस मुकाम को हासिल करने के लिए मुझे कई वर्ष लगे हैं। मुझ से ज्यादा लोग मेरी कहानियों से जुड़े हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग मेरे निभाए गए किरदारों से प्रभावित हुए हैं। लोग आज भी आश्चर्य करते हैं कि मैं इस मुकाम तक कैसे पहुंच गया। दर्शकों से जो मुझे प्यार मिला, मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा।'
4 of 7
पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पंकज से जब पूछा गया कि क्या वे पीछे मुड़कर देखते हैं, जहां से वे यहां आए हैं। उन्होंने कहा, 'हां, मैं अपने संघर्ष के दिनों को याद करता हूं। उन दिनों एक स्टूडियो तक पहुंचने के लिए हर दिन 45 किलोमीटर तक अपनी बाइक चलाता था। इतना करने के बाद भी मुझे बहुत कम सैलेरी मिलती थी। मैं बिना कुछ सोचे आगे बढ़ता गया।'
यह भी पढ़ें: Animal Film Criticism: 'बच्चियों ने रोते हुए फिल्म छोड़ दी...' संसद में महिला सांसद ने 'एनिमल' की बखिया उधेड़ी
5 of 7
पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अभिनेता ने इस बात पर चर्चा की कि दर्शकों को उनसे कितनी उम्मीदें हैं। अभिनेता ने कहा, 'मैं इस बार में नहीं सोचता हूं। ऐसे सोचने से कोई फायदा नहीं है क्योंकि मन में नेविगेट विचार आने लगते हैं और समय बर्बाद होता है। मेरा काम है अभिनय करना, मैंने किया, मुझे अनुभव हुआ। मैं ज्यादा सोचने के बजाए यह देखने के लिए उत्साहित हूं कि दर्शक इसे कितना पसंद करते हैं।'