देश में कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर मुंबई में दानवीरों के प्रचार का भी नया रिकॉर्ड बनता दिख रहा है। सोशल मीडिया से लेकर प्रेस रिलीजों तक में दानवीरों के दावे दिख रहे हैं। लेकिन, मशहूर अभिनेता जॉन अब्राहम को ये पसंद नहीं है। वह कहते हैं, दान बताने की चीज नहीं है। हालांकि जो लोग अपने दान का प्रचार कर रहे हैं, उनको भी वह महान बताते हैं।
जॉन अब्राहम ने प्रचार के 'दानवीरों' पर साधा निशाना, बोले- 'दान को गोपनीय रखना जरूरी'
पिछले कुछ सालों से एक के बाद एक देशभक्ति आधारित फिल्में दे रहे जॉन अब्राहम मौजूदा समय में लोगों को जागरुक करने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। बीते दिनों एक कविता के माध्यम से लोगों को सकारात्मक संदेश देने वाले जॉन का मानना है कि यह काफी चिंताजनक समय है जिसने सभी को एक साथ ला दिया है। जॉन के अनुसार, 'पुलिस, आर्मी, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग हमारे कोविड योद्धा हैं। परिस्थितियों को सुधारने के लिए वे असल में मुसीबत मोल रहे हैं। ये हमारे असल सुपरहीरोज हैं। ऐसी स्थितियां ही अप्रत्याशित नायकों को सामने लाती है।'
जॉन अब्राहम ने बीते दिनों वीडियो माध्यम में 'मेरा भारत महान' कविता पेश की थी। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया, 'इसका श्रेय पूरी तरह से मिलाप जावेरी को जाता है। उन्होंने यह कविता लिखी और मुझे वाट्सऐप की। मैंने उनसे कहा, 'यह खूबसूरत है।' वह चाहते थे कि मैं इस कविता का वर्णन करूं। इसके लिए कुछ मिनट लगे लेकिन ये कविता दुनिया मे सकारात्मक संदेश फैलाने में कामयाब रही।'
जॉन अपनी निजी जिंदगी को अपने तक ही सीमित रखते हैं। इस मुश्किल वक्त में दिए गए दान को भी वह इसी का हिस्सा समझते हैं। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह की घोषणा नहीं की। इस बारे में उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जिन्होंने भी इसकी घोषणा की है उन्होंने कमाल का काम किया है। मेरे जैसे लोग इसे निजी ही रखते हैं। मैं इसकी जानकारी किभी भी तरीक से या किसी भी माध्यम से जाहिर नहीं करता हूं। यह एक ऐसी चीज है जिसे मैं कर रहा हूं बावजूद इसके मैंने न बताने का फैसला किया है। मैं अपनी इंडस्ट्री को सलाम करना चाहता हूं जो इस वक्त एकत्र हो गए हैं।'
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जॉन के अनुसार इस साल के अंत तक कुछ भी सामान्य नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा, 'लोग यह उम्मीद लगा कर रखे हुए हैं कि 4 मई को हालात वैसे ही सामान्य हो जाएंगे जैसा पहले थे। लेकिन ऐसा नहीं है। इस साल के अंत तक कुछ भी सामान्य नहीं होने वाला है। यह एक तरह का नया सामान्य होने जा रहा है।'