देश में हर साल कई फिल्में रिलीज होती हैं। सिनेमाघरों तक पहुंचने के लिए इन फिल्मों को कई पड़ाव पार करने पड़ते हैं। इन्हीं में से एक सबसे जरूरी और अहम चरण होता है सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म को मंजूरी मिलना। साथ ही फिल्म के लिए सर्टिफिकेट हासिल करना ताकि यह तय हो सके कि रिलीज होने वाली फिल्म को किस वर्ग की जनता देख सकती है। सेंसर बोर्ड का निर्माण यूं तो अंग्रेजो द्वारा इसलिए किया गया था ताकि वह फिल्मों में से ऐसे सीन हटा सके जो उनकी छवि खराब करते हैं। लेकिन आजादी के बाद इसमें कई तरह के बदलाव कर दिए गए।
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censor Board
- फोटो : APN
स्वतंत्र भारत में बने नए सिनेमैटोग्राफी एक्ट के तहत चार तरह है सर्टिफिकेट बनाए गए हैं। देश में रिलीज होने वाली इन फिल्मों को अपने कंटेंट के अनुसार अलग-अलग सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। सेंसर बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले इन प्रमाणपत्रों में U, U/A, A, S सर्टिफिकेट शामिल है। बीते दिनों रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म रक्षाबंधन पांच साल बाद यू सर्टिफिकेट हासिल करने वाली पहली फिल्म बनी थी। लेकिन क्या आप जातने हैं कि देश में पहली ए (A) सर्टिफिकेट हासिल करने वाली फिल्म कौन सी थी। चलिए इस रिपोर्ट में जानते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
साल 1021 में आई फिल्म 'भक्त प्रहलाद' पहली ऐसी फिल्म थी, जिसे विवादों में फंसने के बाद सेंसर ने बैन कर दिया था। हालांकि, उस वक्त भी किसी भी फिल्म को सही मायने में एडल्ट ओनली का सर्टिफिकेट नहीं मिला था। हालांकि इस बात पर काफी मतभेद रहे हैं कि भारत में ए सर्टिफिकेट पाने वाली सबसे पहली फिल्म कौन सी रही है। इस बारे में जब भी बता होती है दो फिल्मों का अक्सर जिक्र किया जाता है। साल 1929 में आई डाक्यूमेंट्री फिल्म 'सोशल ईवल', जो युवाओं में होने वाली सेक्सुअल प्राब्लम्स और उसके समाधान पर आधारित थी। ऐसे में इसे ए सर्टिफिकेट तो दिया गया, लेकिन डाक्यूमेंट्री होने की वजह से इस ए सर्टिफिकेट हासिल करने वाली फिल्म नहीं कहा गया।
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फिल्म 'चेतना'
- फोटो : Social media
इसके बाद साल 1970 में निर्देशक बीआर इशारा की फिल्म 'चेतना' रिलीज हुई। इस फिल्म में निर्देशक ने वेश्याओं के जीवन और उनके पुर्नवास के मुद्दे को उजागर किया गया था। फिल्म के ऐसे मुद्दे की वजह से इसे लेकर काफी विवाद भी हुआ। जिसके चलते सेंसर बोर्ड ने फिल्म को ए सर्टिफिकेट दिया और इस तरह 'चेतना' ए सर्टिफिकेट हासिल करने वाली देश क पहली फिल्म बन गई। इसके बाद निर्देशक इशारा ने सर्टिफिकेट के A मार्क का भी पोस्टर में इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं उन्होंने पोस्टर में फिल्म की मुख्य अभिनेत्री रिहाना सुल्तान के पैरों को A शेप में दिखाया था।
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व (वयस्क) या A सर्टिफिकेट
- फोटो : अमर उजाला
सेंसर सर्टिफिकेट के लिए इस फिल्म की सबसे ज्यादा चर्चा हुई और इसी वजह से शायद फिल्म हिट भी हो गई। यह फिल्म तो हिट हो गई, लेकिन फिल्म में निभाए अपने करिदार की वजह से एक्ट्रेस रिहाना का करियर हमेशा के लिए खत्म हो गया। बता दें कि सेंसर बोर्ड की तरफ से 'ए सर्टिफिकेट' ऐसी फिल्मों को दिया जाता है, जिन्हें सिर्फ वयस्क ही देख सकते हैं। इन फिल्मों पर ए का ठप्पा इसलिए लगाया जाता है ताकि बच्चे यानी 18 साल से कम उम्र के लोग इन्हें न देख पाएं। ऐसी फिल्मों में ज्यादातर बोल्ड सीन्स या एडल्ट कॉमेडी वाले कंटेंट होते हैं।