काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान दोषी करार दिए गए हैं जबकि बाकियों को बरी कर दिया गया है। आइए 5 कारण बताते हैं जिसकी वजह से सलमान खान के खिलाफ केस काफी मजबूत माना गया।
इस केस में सलमान के खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी हैं। गवाह बिश्नोई हैं जो गोली चलने की आवाज सुनने के बाद घर से दौड़कर बाहर निकले। इनमें से दो लोगों ने बाइक से सलमान खान का पीछा भी किया।
1998 में हुई इस घटना का सबसे पड़ा सबूत है, जिस जगह पर मृत हिरण मिला था वहां से सलमान खान अपनी जिप्सी में भागे थे। सरकारी वकील भवानी सिंह भाटी का कहना है कि उस रात सभी कलाकार जिप्सी कार में थे, सलमान खान वाहन चला रहे थे। हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलाई और उनमें से दो हिरण मार दिए थे।
फॉरेंसिक सबूत सबसे अहम है। हिरण के दूसरे पोस्टमॉर्टम में शरीर पर छेद मिले (संभावित रूप से गोलियों के निशान मिले)। बता दें कि सलमान खान वन्यजीव संरक्षण कानून की धारा 51 और अन्य कलाकार वन्यजीव संरक्षण कानून की धारा 51 और भारतीय दंड संहिता की धारा 149 (गैरकानूनी जमावड़ा) के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं।
काले हिरण का शिकार (शेड्यूल 1 की प्रजाति) अन्य हिरण की हत्या से ज्यादा गंभीर मामला है। गौरतलब है कि इस मामले में दो अन्य आरोपी दुष्यंत सिंह और दिनेश सिंह हैं। हिरण के शिकार के समय दुष्यंत सिंह कथित रूप से सलमान के साथ था जबकि दिनेश सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह सलमान खान का सहायक है।