सनी देओल की फिल्म ‘गदर एक प्रेमकथा’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपने साथ रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ से कहीं ज्यादा कमाई की। दोनों फिल्मों की रिलीज के 20 साल पूरे हो चुके हैं। फिल्म ‘गदर एक प्रेमकथा’ के निर्देशक अनिल शर्मा ने इस फिल्म की शूटिंग महीनों चली तैयारियों के बाद शुरू की। ‘अमर उजाला’ से फिल्म के बारे में बातें करते हुए अनिल पूरी साफगोई से कहते हैं कि फिल्म भले बंटवारे के वक्त की हो लेकिन इसमें हमने पाकिस्तान के वकार का भी पूरा ख्याल रखा। उस वकार को परदे पर दिखाने के लिए हिंदी सिनेमा के पास तब अमरीश पुरी जैसा कलाकार भी था। अनिल इस बातचीत में ये तो मानते हैं कि फिल्म ‘गदर एक प्रेमकथा’ को ज्यादा पुरस्कार न मिलने के पीछे कोई सियासत जरूरी रही लेकिन अगले पल वह ये भी कहते हैं कि वह पब्लिक पाकर ज्यादा खुश हैं।
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अनिल शर्मा
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मथुरा में जन्मे अनिल शर्मा अपने बाबा और पिता के पीछे पीछे चलते मुंबई तक पहुंचे। मथुरा में सिनेमा उनको अपना दीवाना बना चुका था। मुंबई पहुंचकर उन्होंने जमाने को अपना दीवाना बनाया। अनिल कहते हैं, ‘मेरे मन में एक ऐसी फिल्म बनाने का सपना शुरू से पल रहा था जैसी फिल्में ‘मुगल ए आजम’, ‘पाकीजा’ या ‘शोले’ रही हैं। मैं ऐसी ही एक और फिल्म बनाना चाहता था। मुझे एक ऐतिहासिक फिल्म बनानी थी और तभी मुझे लेखक शक्तिमान ने ये कहानी सुनाई। फिल्म के गीतकार आनंद बक्शी को जब मैंने फिल्म के गानों की सिटिंग के दौरान फिल्म ‘गदर एक प्रेमकथा’ की पूरी पटकथा सुनाई तो वह उठकर खड़े हो गए और मुझे गले लगाकर बोले, ये तो एक और मुगल ए आजम है।’
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'गदर एक प्रेमकथा'
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अनिल शर्मा बताते हैं कि फिल्म में हीरोइन के रोल के लिए अमीषा पटेल को लेने से पहले उन्होंने तमाम स्थापित अभिनेत्रियों से बात की। किसी को फिल्म की कहानी नहीं पसंद थी, किसी को निर्देशक नहीं जम रहा था तो किसी को सनी देओल के साथ काम नहीं करना था। इसके बाद कास्टिंग निर्देशकों से नई लड़कियों के फोटो मंगाए गए। करीब 400 लड़कियों की तस्वीरों में से 40 शॉर्टलिस्ट की गईं। इनके लुक टेस्ट व वीडियो शूट के बाद अमीषा पटेल ही सकीना के किरदार के लिए बिल्कुल फिट लगीं। अमीषा का जब ‘गदर एक प्रेमकथा’ के लिए चयन हुआ तब उनकी पहली फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ रिलीज भी नहीं हुई थी।
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अनिल शर्मा, सनी देओल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘गदर एक प्रेमकथा’ की लोकेशन को लेकर भी फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा ने बहुत मेहनत की। वह कहते हैं, ‘उस जमाने में न तो इंटरनेट होता था और न ही लाइन प्रोड्यूसर्स। सब कुछ खुद ही करना होता था। हमारी एक टीम ने हिंदुस्तान का कोना कोना छान मारा। और फिर लखनऊ, रुदौली से लेकर राजस्थान तक करीब 10 शहरों में इस फिल्म की शूटिंग हुई। फिल्म की शूटिंग से पहले कोई आठ नौ महीने तक फिल्म की तैयारियां चलती रहीं। पूरी फिल्म बनाने में दो साल लगे।’
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‘गदर एक प्रेमकथा’ - सनी देओल
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सनी देओल के किरदार तारा सिंह और अमीषा पटेल के किरदार सकीना के अलावा फिल्म ‘गदर एक प्रेमकथा’ में एक और अहम किरदार है मेयर अशरफ अली का। ये किरदार फिल्म में अमरीश पुरी ने निभाया है। अनिल शर्मा कहते हैं, ‘अमरीश पुरी के अलावा उस वक्त कोई ऐसा अभिनेता था भी नहीं जो पाकिस्तान के वकार को परदे पर उस तरह पेश कर सके जैसा हम चाहते थे। ये कहानी भले बंटवारे की थी लेकिन इसे देखने वाली पब्लिक इक्कीसवीं सदी की थी। हमें ये फिल्म उसी लिहाज से बनानी थी। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ हमारी परंपरा रही है और पड़ोसी को नीचा दिखाना हमारे संस्कार नहीं हैं। हम पाकिस्तान को फिल्म में कहीं नीचा नहीं दिखाना चाहते थे। और, पाकिस्तान के इस वकार को परदे पर पेश करने की हमारी कल्पना को अमरीश पुरी ने साकार कर दिया।’