मलयालम फिल्मों के स्टार दुलकर सलमान की तेलुगु फिल्म 'सीता रामम' दक्षिण में पांच अप्रैल को रिलीज हुई। दक्षिण में मिली जबर्दस्त सफलता के बाद इसे हिंदी में डब करके 2 सितंबर को रिलीज किया गया। बिना किसी खास प्रमोशन के फिल्म हिंदी में भी सफल रही। फिल्म की सफलता को लेकर मुंबई में एख प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जहां पर दुलकर सलमान और फिल्म की हीरोइन मृणाल ठाकुर के अलावा फिल्म के निर्माता सी अश्विनी दत्त चलासनी, निर्देशक हनु राघवपुडी, संगीतकार विशाल चंद्र शेखर और हिंदी डब के वितरक जयंती लाल गडा मौजूद रहे।
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सीता रामम
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
भारत और पाकिस्तान के बीच पनपती नफरत के दौर में फिल्म ‘सीता रामम’ की प्रेम कहानी कुछ लोगों को शाहरुख खान की फिल्म 'वीर जारा' की याद दिलाती है। तो, जाहिर सी बात शाहरुख खान ने तुलनात्मक सवाल दुलकर सलमान से होंगे ही। दुलकर सलमान कहते हैं, ‘मैं शाहरुख खान का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। उनकी फिल्मों से मुझे बहुत प्रेरणा मिली है। वह ना सिर्फ बहुत बड़े स्टार है, बल्कि बहुत अच्छे इंसान भी है। महिलाओ का वह बहुत सम्मान करते है। शाहरुख खान सिर्फ एक ही हो सकते है। उनको जगह कोई नहीं ले सकता है। उसने खुद की तुलना करने का मतलब, अपनी बेइज्जती कराने वाली बात होगी।
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सीता रामम
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म की शूटिंग के दौरान अपने अनुभव को साझा करते हुए दुलकर सलमान ने कहा, 'हमने इसे पिछले साल शूट किया था, और हम जहां भी गए, कोविड ने हमारा पीछा किया। ये ऐसी फिल्में हैं जो किसी भी अभिनेता के लिए जीवन में एक बार आती हैं। मैं अब तक 35 फिल्में कर चुका हूं। उन सभी फिल्मों में से यह मेरे करियर की बेहतरीन फिल्म है। आप लोगों के आशीर्वाद और प्यार की वजह से आज यहां आप लोगों के सामने खड़ा हूं।'
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- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
दुलकर सलमान की फिल्म 'सीता रामम' के प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन अंधेरी के पीवीआर थियेटर में किया गया । कई साल पहले की घटना को याद करते हुए दुलकर सलमान ने कहा, 'मुझे याद है कई साल पहले मैं अपने एक दोस्त के साथ मुंबई आया था, तब इसी थियेटर में सुबह से लेकर शाम तक तीन फिल्में देखी थी। आज इसी थियेटर में मेरी फिल्म के पोस्टर लगे हुए हैं।'
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'सीता रामम' की कहानी ऐसे मोड़ पर खत्म होती है। जहां से लगता नहीं कि इस फिल्म का सीक्वल बन सकता है। लेकिन क्या इस तरह की ऐसी कोई फिल्म बनाई जा सकती है। दुलकर सलमान कहते है, 'ना सिर्फ मेरी फिल्म, बल्कि और ऐसी फिल्मों की बात कर रहा हूं, जो क्लासिक बन जाती हैं। मुझे नहीं लगता है कि ऐसी फिल्मों का सीक्वल या रिमेक बनाना चाहिए। कुछ फिल्में बन जाती है, हम दुबारा उस फिल्म को उसी परिदृश्य में नहीं बना सकते।'