तकरीबन दो साल पहले
अरविंद केजरीवाल की
आम आदमी पार्टी ने एतिहासिक जीत दर्ज कर सभी लोगों को चौंका दिया था। उसी तरह उम्मीद थी कि इस बार एमसीडी चुनावों में भी आप इसी तरह का कुछ कमाल दिखाएगी, लेकिन हुआ उल्टा।
दो साल के अंदर ही समीकरण कुछ इस तरह बदले की एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी और उनकी झाड़ू नहीं चली। एक तरह से आप का एमसीडी से सफाया ही हो गया है। ऐसे में आप की स्थिति कुछ इन गानों जैसी हो गई है।
ये गाना अरविंद केजरीवाल की मनोदशा को सही तरीके से दिखा पाएगा। गाने को सुनते ही लगेगा मानो केजरीवाल एमसीडी चुनावों के परिणामों के बाद अपनी स्थिति पर रो रहे हों।
मानों केजरीवाल जैसे वोटरों को लेकर दुखी हैं कि जिनके सहारे वो चुनाव के मैदान में कूदे उन्होंने ने ही धोखा दे दियाा हो।
हर कैंपेन, हर संदेश में अरविंद केजरीवाल वोटरों को लुभाने का कोई मौका नहीं चूके। सोचा कि एमसीडी चुनावों में जनता उनका साथ देगी, लेकिन हुआ उल्टा और ये गाना कुछ उसी स्थिति को बयां कर रहा है।
दो साल पहले जिस तरह अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने दिल्ली से कांग्रेस और बीजेपी का सफाया किया था, केजरीवाल ने उम्मीद लगाई कि एक बार फिर वो दोनों पार्टियों का एमसीडी चुनाव में सफाया कर देंगे, लेकिन वोटरों ने पासा पलट दिया।