28 अगस्त 1961 को मुंबई में जन्में दीपक तिजोरी इस साल अपना 60 वां जन्मदिन मना रहे हैं। दीपक तिजोरी ने बॉलीवुड में बहुत मेहनत की लेकिन वो कभी मुख्य हीरो के रोल में हिट नहीं हो पाए। हालांकि सपोर्टिंग किरदारों में दीपक तिजोरी को काफी पसंद किया गया। दीपक बॉलीवुड में हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे। हालांकि उन्हें पहली फिल्म मिली थी 'तेरा नाम मेरा नाम' जिसमें उनका सपोर्टिंग किरदार था।
सपोर्टिंग किरदारों में हिट रहे दीपक तिजोरी
इसके बाद उन्होंने और भी कई फिल्में की जो काफी हिट भी रहीं लेकिन लगभग सभी हिट फिल्मों में दीपक तिजोरी साइड किरदारों में नजर आए। दीपक आशिकी', 'खिलाड़ी', 'जो जीता वही सिकंदर', 'कभी हां कभी ना', 'अंजाम' जैसी कई हिट फिल्मों का हिस्सा रहे। इन फिल्मों में दीपक के काम को काफी पसंद किया गया। दीपक अभिनय के क्षेत्र में टॉप हीरो बनने की इच्छा रखते थे लेकिन उनकी ये इच्छा कभी पूरी नहीं हो पाई।
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दीपक तिजोरी
- फोटो : facebook/deepak.tijori.18
दीपक ने नरसी मुंजी कॉलेज से पढ़ाई की जहां उन्हें फिल्मों का शौक जगा। उन्होंने एक थिएटर ग्रुप भी ज्वाइन किया था जिसमें आमिर खान, आशुतोष गोवारीकर, परेश रावल जैसे कलाकार शामिल थे। इस ग्रुप में दीपक के अभिनय की अक्सर तारीफ होती थी और ऐसे ही उनके मन में हीरो बनने की इच्छा जगी थी।
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दीपक तिजोरी
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साल 1993 में आई फिल्म 'पहला नशा' में उन्हें हीरो बनने का मौका मिला। इस फिल्म में शाहरुख खान और आमिर खान भी थे। साथ ही पूजा भट्ट और रवीना टंडन ने भी अहम किरदार निभाया था। हालांकि इतनी तगड़ी स्टार कास्ट होने के बाद भी ये फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई और दीपक एक सफल हीरो के तौर पर कामयाब नहीं हो पाए।
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दीपक तिजोरी
- फोटो : फेसबुक @deepak.tijori.18
फिल्म 'कभी हां कभी ना' और 'अंजाम' में दीपक तिजोरी शाहरुख खान के साथ नजर आए थे। दोनों ही फिल्म में हीरोइनें भी दीपक तिजोरी को ही मिली थी, लेकिन बिना हीरोइनों को हासिल किए ही शाहरुख खान दीपिक से आगे निकल गए और दीपक एक बार फिर सिर्फ सपोर्टिंग कास्ट तक ही सीमित रह गए।
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दीपक तिजोरी
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इसके बाद दीपक तिजोरी ने निर्देशक बनने का फैसला कर लिया और 2003 में एक एडल्ट फिल्म से अपनी निर्देशन पारी की शुरुआत की। फिल्म को क्रिटिक्स से लेकर दर्शकों ने नकार दिया। यहां तक कि सेंसर बोर्ड के पास भी ये फिल्म अपने बोल्ड कंटेंट और सीन्स की वजह से फंसी रही। इसके बाद उन्होंने कई और फिल्में डायरेक्ट कीं जिनमें 'टॉम डिक और हैरी', 'फॉक्स' और 'खामोशी - खौफ की एक रात' बुरी तरह फ्लॉप रहीं।