80-90 के दशक में फिल्मों में नायकों के साथ-साथ खलनायकों की भूमिका भी बड़ी महत्वपूर्ण होती थी। वहीं, 90 के दौर में विलेन में अमजद खान, अमरीश पुरी और डैनी मुख्य तौर पर जाने जाते थे। इनके निभाए किरदारों को लोग आज भी याद करते हैं। फिल्म ‘घातक’ में डैनी के कात्या किरदार को लोग अब तक भूल नहीं पाए हैं। उन्होंने अपने करियर में लगभग 200 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। इनमें से 40 फिल्मों में उन्होंने विलेन का रोल ही निभाया है। बॉलीवुड इंडस्ट्री में चार दशकों तक छाए रहने वाले डैनी डेन्जोंगपा का जन्म 25 फरवरी 1948 को सिक्किम के गंगटोक में हुआ था। बचपन में वह देश की सेवा करने के लिए भारतीय सेना में शामिल होने के सपने देखा करते थे, लेकिन किसे पता था कि सिक्किम का लड़का सिनेमा की दुनिया में इतना नाम कमा लेगा।
डैनी: कॉलेज के दिनों में जया भादुड़ी ने बदल दिया था नाम, 40 फिल्मों में खलनायिकी के किरदार से बनाई खास पहचान
जया बच्चन ने बदला नाम
डैनी का असली नाम शेरिंग फिंटसो डेन्जोंगपा है। डैनी नाम के पीछे भी एक मजेदार कहानी है। दरअसल, डैनी जब पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया यानी एफटीआईआई पहुंचे तो उनकी मुलाकात मशहूर अभिनेत्री जया भादुड़ी से हुई। उन्होंने जया बच्चन की सलाह पर अपना नाम बदल लिया और वो सिर्फ डैनी हो गए। एफटीआईआई में डैनी और जया एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त हुआ करते थे।
धुंध से मिली पहचान
डैनी ने साल 1971 में आई फिल्म 'जरूरत' से सिनेमा में डेब्यू किया था, लेकिन शुरुआती कुछ फिल्मों से उन्हें खास पहचान नहीं मिली। अगले ही साल फिल्म 'धुंध' में निगेटिव रोल अदा करके वो दर्शकों की नजर में आ गए। इस फिल्म में उन्होंने जीनत अमान, नवीन निश्चल, संजय खान और अशोक कुमार जैसे कलाकारों के साथ काम किया था।
कामयाब निर्देशक बने डैनी
डैनी ने एक्टिंग के अलावा निर्देशक के तौर भी हाथ आजमाया और इसमें वो सफल भी हुए। फिल्मों में आने के नौ साल बाद ही उन्होंने एक फिल्म का डायरेक्शन किया। साल 1980 में हॉरर फिल्म 'फिर वही रात' बनाई। इसमें सुपरस्टार राजेश खन्ना, किम और अरुणा ईरानी ने भी काम किया था। फिल्म में डैनी खुद भी नजर आए थे। उनके निर्देशन में बनी ये फिल्म सफल रही। इसके अलावा उन्होंने एक सीरियल में कहानी भी लिखी। कहते हैं कि फिल्म ‘अजनबी’ की स्क्रिप्टिंग डैनी ने ही लिखी थी। अजनबी की शूटिंग भी हुई, लेकिन खरीदार नहीं मिलने के कारण ये रिलीज नहीं हो पाई। बाद में मजबूर होकर उसे टीवी धारावाहिक में बदल दिया गया। टीवी पर ये शो काफी हिट रहा।
‘शोले’ को किया था रिजेक्ट
सुपरहिट फिल्म 'शोले' का हर कैरेक्टर हिट हुआ था। इसका हर डायलॉग आज तक दोहराया जाता है। अमजद खान को इस फिल्म ने रातों-रात स्टार बना दिया था। हालांकि, गब्बर सिंह के किरदार के लिए मेकर्स की पहली पसंद अमजद खान नहीं, बल्कि डैनी ही थे। इसके लिए डैनी से बात भी की गई थी, लेकिन वह उस समय दूसरी फिल्मों में व्यस्त चल रहे थे। इस कारण उन्होंने ये फिल्म छोड़ दी थी, जिसका बाद में उन्हें बेशक बड़ा पछतावा हुआ होगा।