फिल्म 'पद्मावती' की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही। पहले मेकर्स ने रविवार को फिल्म की रिलीज डेट अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ा दी। अब सोमवार को सेंसर बोर्ड ने 'पद्मावती' के मेकर्स की उस अर्जी को भी ठुकरा दिया, जिसमें फिल्म की सर्टिफिकेट प्रकिया में तेजी लाने की मांग की गई थी।
'पद्मावती' के मेकर्स की याचिका को रद्द करते हुए सीबीएफसी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) ने कहा कि फिल्म की समीक्षा की जाएगी और सभी नियमों के मुताबिक ही निर्धारित मानदंडों के अनुसार आवेदनों को प्रमाणित किया जाएगा।
ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब गुजरात चुनाव के बाद ही फिल्म रिलीज होगी। राजपूत संगठनों के विरोध के अलावा सेंसर बोर्ड खुद फिल्म देखने और सर्टिफिकेशन देने से पहले दूसरे लोगों के लिए फिल्म की प्राइवेट स्क्रीनिंग रखे जाने से भी नाराज हैं। बोर्ड के प्रमुख प्रसून जोशी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा करके निर्माता ने नियमों का उल्लंघन किया है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा था कि, 'यह निराशाजनक है कि बोर्ड के फिल्म देखने और प्रमाण पत्र जारी करने से पहले मीडिया के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग रखी गई और राष्ट्रीय चैनलों पर इसकी समीक्षा की जा रही है। 'पद्मावती' के मेकर्स एक तरफ सेंसर बोर्ड पर प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाने का दबाव डाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पूरी प्रक्रिया को ही कमतर आंककर एक अवसरवादी उदाहरण पेश कर रहे हैं।'
बता दें कि फिल्म एक दिसंबर को रिलीज होनी थी। मगर शुरुआत से ही हिंदुवादी संगठन इसके विरोध में उतर आए थे। उनका कहना था कि निर्माता भंसाली ने इतिहास से छे़ड़छाड़ कर मां पद्मावती के चरित्र का दुष्प्रचार किया।