तेलुगू फिल्मों के मशहूर एक्टर नन्दमूरि तारक रामाराव को एनटीआर के नाम से जाना जाता है। आज उनका 95वां जन्मदिन है। एनटीआर ने साल 1949 में तेलुगू फिल्म 'मना देसम' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। उन्होंने करीब 300 से ज्यादा फिल्में की। एक्टिंग के अलावा उन्होंने कई फिल्मों की पटकथा लिखी और फिल्म निर्माता के तौर पर कई फिल्में बनाई भी हैं। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए भारत सरकार ने रामाराव को साल 1968 में पद्मश्री से सम्मानित किया।
तेलुगू के अलावा एनटीआर ने तमिल और हिंदी फिल्में भी कीं। उन्होंने फिल्मों में 17 बार कृष्ण का किरदार निभाया। बाद में एनटीआर ने पौराणिक फिल्में छोड़ ऐसे रोल करना शुरू कर दिया जिसका नायक व्यवस्था के खिलाफ लड़ता था। एनटीआर ने 1982 में तेलुगू देशम पार्टी की स्थापना की और पॉलिटिक्स में एंट्री ली। फेमस एक्टर होने के चलते एनटीआर और उनकी पार्टी को जबरदस्त सफलता मिली। इसी के साथ वो आंध्र प्रदेश के 10वें मुख्यमंत्री बने। 1983 से 1994 के बीच वो तीन बार -प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
एनटीआर की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने अपने गांव में सिर्फ 5वीं तक की पढ़ाई की थी। इसके बाद विजयवाड़ा में रहने वाले उनके मामा ने उन्हें गोद लिया था। यहीं पर उन्होंने नगर निगम के स्कूल से शिक्षा हासिल की, बाद में उन्होंने एसआरआर और सीवीआर कॉलेज में पढ़ाई की।
एनटी रामाराव की माली हालत ज्यादा अच्छी नहीं थी। जिससे परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए छोटी उम्र से ही काम करना पड़ा। रामाराव विजयवाड़ा के आस-पास के होटलों में दूध की सप्लाई करते थे। जो पैसे उन्हें मिलते थे उससे वो परिवार की मदद करते थे।
1942 में रामाराव ने अपने मामा की बेटी बासव तारकम से शादी की थी। एनटीआर के 8 बेटे और 4 बेटियां थीं। 1985 में उनकी पत्नी का निधन हो गया था। 1993 में 70 साल की उम्र में रामाराव ने तेलुगू लेखक लक्ष्मी पार्वती से शादी की थी लेकिन एनटीआर के परिवार ने लक्ष्मी को कभी भी स्वीकार नहीं किया। एनटीआर का पोता जूनियर एनटीआर साउथ की फिल्मों में जाना-माना नाम है।