अपनी हर फिल्म में एक नए किरदार में खुद को ढालने की अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की अब तक की कोशिशों को हर बार सराहना मिली है। फिल्म सांड की आंख में वाहवाही लूटने के बाद भूमि इस शुक्रवार को रिलीज हो रही फिल्म बाला में एक ऐसी वकील का किरदार निभा रही हैं, जिसे समाज में त्वचा के रंग के चलते बेइज्जती का सामना करना होता है।
'बाला' में पहली बार ऐसे किरदार में दिखेंगी भूमि, इंटरव्यू में बोलीं- 'फिल्म सोचने पर करेगी मजबूर'
फिल्म बाला में आयुष्मान खुराना के किरदार की चर्चा खूब हो रही है, आपने ये फिल्म क्यों की?
हर चीज में कोई न कोई नुक्स निकालने वाले समाज में आत्मसम्मान और खुद से प्रेम कितना महत्वपूर्ण है, यही ये फिल्म बताती है। इसी सामाजिक संदेश की वजह से मैंने ये फिल्म की। अपनी पहली फिल्म से ही मुझे एहसास हुआ कि जिस तरह के सिनेमा का हिस्सा बनना मैं पसंद करती हूं, वह मनोरंजक होना चाहिए। कुछ अलग होने के साथ ही इसे वास्तव में कुछ ऐसा भी होना चाहिए जो मेरे दर्शकों को एक भावनात्मक सफर पर ले जाने के साथ ही साथ उन्हें सोचने पर मजबूर कर दे।
इस किरदार की समाज से क्या लड़ाई है?
फिल्म बाला में मेरा किरदार एक सांवली लेकिन बेहद खूबसूरत लड़की का है। अगर आप अपने चारों तरफ देखें तो यही पता चलता है कि गोरापन ही सबकुछ है। आपको रंग साफ करने वाली क्रीम के विज्ञापन देखने को मिलेंगे और यदि आप कोई वैवाहिक विज्ञापन देखते हैं तो वहां हमेशा ही गोरी लड़की की ही जरूरत रहती है। उन्हें एक पतली, लंबी और स्वाभाविक रूप से गोरी लड़की की जरूरत होती है। ये किरदार सांवले या गहरे रंग के प्रति समाज में व्याप्त इस ओछी मानसिकता से लड़ना चाहता है। मेरा किरदार लतिका, एक अनाथ है जो अपनी चाची के साथ रहती है। उसकी चाची काफी खुले विचारों वाली महिला है, लेकिन मुझे लगता है कि लतिका सिर्फ आत्मविश्वास से भरी एक लड़की है, जो हमेशा अपने बचाव की मुद्रा में ही रहती है।
सुंदरता को लेकर समाज ने जो मानक निर्धारित किए हैं, उनके बारे में आपका क्या कहना है?
सुंदरता की सही परिभाषा बताने के लिए सामाजिक तौर पर हमने कुछ गलत मानक निर्धारित किए हैं और सुंदरता की इस परिभाषा को तोड़ने के लिए ही मैंने अब तक के तमाम किरदार किए हैं। सुंदरता काफी व्यक्तिपरक होती है। भगवान ने हममें से प्रत्येक को अलग तरह से बनाया है और हमें खुद को स्वीकार करने की जरूरत है। बाला में इसी के बारे में बताया गया है। ये फिल्म आत्मसम्मान और स्वप्रेम के बारे में है।
फिल्म में आपका किरदार लतिका एक वकील है, वह किस बात की वकालत करती दिखेगी फिल्म में?
जी हां, लतिका एक वकील है। बचपन से ही उसके रंग को लेकर लोग उसे चिढ़ाते हैं और उसे एक नाम दे दिया गया। साथ ही अपमानजनक बातें कहकर उसे नीचा दिखाया गया है। ये किरदार इसी के चलते बागी हो गया। लतिका समाज में ऐसे लोगों को तलाशती है जिनमें कमियां है पर उन्हें लोग कुछ नहीं कहते। सांवले या गहरे रंग के साथ जुड़े पूर्वाग्रहों को ये फिल्म ध्वस्त करती है। सांवला होना भी सुंदरता की निशानी है, इसके लिए किसी का मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए।