देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आज 16 अगस्त को दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु से पूरा देश ठहर सा गया है। लेकिन आपको बता दें कि अटल जी देश की एक बड़ी शख्सियत ही नहीं बल्कि उनकी साहित्य में भी बड़ी रूचि थी..ऐसे में उन्हें उनकी कविताओं के चलते अवार्ड भी मिला... तो आइए जानते हैं उनके इस सफर के बारे में..
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atal bihari
- फोटो : अमर उजाला
साहित्य में खास रूचि होने के चलते वह कविताएं भी लिखा करते थे और उनकी लिखी कविताओं को बॉलीवुड के कई सिंगर्स ने अपनी आवाज दी। उनके पीएम बनने के बाद उनकी कई कविताओं पर म्यूजिक एलबम लॉन्च की गईं जिन्हें लता मंगेशकर, जगजीत सिंह, हरिहरन, पद्मजा जग और शंकर महादेवन ने अपने सुरों से सजाया।
बात करें अटल जी की कविता की तो एलबम 'नई दिशा' में गजल गायक जगजीत सिंह ने उन्हें पेश किया था, जिसके लिए इस एलबम को बेस्ट नॉन फिल्म लिरिक्स कैटेगरी में स्क्रीन अवार्ड हासिल हुआ था। लेकिन अटल जी इस अवार्ड फंक्शन में बिजी होने के चलते इसका हिस्सा नहीं बन पाए थे। ऐसे में उनके आवास जाकर इस अवार्ड से उन्हें नवाजा गया।
एक बार फिर जगजीत सिंह ने साल 2002 में अटल जी की कविताओं को अपनी आवाज दी। एलबम 'संवदेना' में अटल जी के शब्दों को लिया गया था जिसे डायरेक्टर यश चोपड़ा ने निर्देशित किया था। इस एलबम में अमिताभ और शाहरुख खान को भी देखा गया था। जगजीत ने अटल जी की तकरीबन 8 कविताओं को अपनी आवाज दी है।
'भारत रत्न' और पार्श्व गायिका लता मंगेशकर ने भी अटल जी की कविता 'मेरी इक्यावन रचनाएं' को आवाज दी। इसमें क्या खोया क्या पाया भी थीं। बता दें कि इससे पहले जगजीत सिंह इसे एलबम 'संवेदना' में अपनी आवाज दे चुके थे।