इस साल की अपनी दूसरी रिलीज का इंतजार कर रहे अभिनेता अर्जुन कपूर अपनी इस फिल्म ‘सरदार का ग्रांडसन’ के प्रचार को किनारे रख जरूरतमंदों की मदद में व्यस्त हो गए हैं। गाहे बगाहे अपनी गर्लफ्रेंड मलाइका अरोड़ा के साथ डिजिटल दुनिया में दिखने वाले अर्जुन कपूर चाहते हैं कि उनके भलाई के काम पर भी परदा ही पड़ा रहे। लेकिन, उनके करीबी बताते हैं कि अर्जुन कपूर चुपचाप गरीबों को खाना पहुंचाने और हाइजीन किट पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
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अर्जुन कपूर-फ्रैंक लैम्पार्ड
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अर्जुन कपूर और उनकी बहन अंशुला कपूर का एक ऑनलाइन सेलिब्रिटी फंडरेजिंग प्लेटफॉर्म है। इसी जरिए ये दोनों देश भर में लोगों के लिए मदद जुटाने का काम कर रहे है। कोशिश है कि इस महामारी के समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंच सके। जानकारी के मुताबिक अर्जुन और अंशुला ने अपने चाहनेवालों की मदद से एक करोड़ रुपये इस काम के लिए इकट्ठा भी कर लिए हैं और इस रकम से वह अब तक 30 हजार से भी ज्यादा जरूरतमंद लोगों और उनके परिवारों को मदद पहुंचा चुके हैं।
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अर्जुन कपूर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अर्जुन कहते हैं, ‘‘इस महामारी ने हमें दुख के गहरे सागर में धकेल दिया है। इसने हम सबको अपने बलबूते पर अपने तरीके से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए प्रेरित किया है। अंशुला और मैंने अपना योगदान देने की कोशिश की है। हमें इस बात की खुशी है कि हम पूरे भारत भर में जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचा पाए और हमारा ये प्रयास अब भी जारी है।’’
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अर्जुन कपूर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म निर्माता बोनी कपूर को भी अपने बेटे की इस पहल पर नाज है। अर्जुन के मुताबिक महीने के राशन से लेकर ताजा खाना परोसने और प्रवासी मजदूरों को नकद पैसे देने और कोविड-19 से बचाव के लिये हाइजीन किट देने तक उनका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचना था। अर्जुन ने उम्मीद जताई कि इससे वायरस से लड़ने और इसके विनाशकारी प्रभाव से बचाने में उनकी थोड़ी तो मदद हो पाई होगी।’
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अर्जुन कपूर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अर्जुन कहते हैं कि मुश्किल की इस घड़ी में एक दूसरे की मदद करके ही हम संतोष का अनुभव कर सकते हैं। वह कहते हैं, ‘‘मैंने अपने जीवन की जमा पूंजी इस उद्योग में लगाई है। यह प्लेटफॉर्म बेहद जरूरतमंद लोगों की सहायता कर पाया और इस कठिन समय में उनके काम आ पाया, यही इसका मकसद था।‘’