अभिनेता शिव कुमार सुब्रमण्यम के निधन की खबर से पूरी इंडस्ट्री को झटका लगा है। उन्होंने फिल्मों से लेकर टेलीविजन में भी अपने अभिनय से अलग छाप छोड़ी थी। शिव सुब्रमण्यम सिर्फ अभिनेता ही नहीं थे बल्कि उन्होंने फिल्मों के लिए पटकथा भी लिखी हैं। अभिनेता के निधन पर मनोरंजन जगत से जुड़े कलाकार सोशल मीडिया पर अपना शोक व्यक्त कर रहे हैं। निर्माता, निर्देशक अनुराग कश्यप ने अभिनेता शिव कुमार सुब्रमण्यम के साथ बिताए पलों को याद करते हुए सोशल मीडिया पर बेहद ही भावुक कर देने वाला नोट लिखा है। उन्होंने अभिनेता के साथ पहली मुलाकात से लेकर उनके साथ काम करने के बारे में अपने सफर को बयां किया है।
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अनुराग कश्यप ने अभिनेता शिव कुमार सुब्रमण्यम को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
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निर्देशक अनुराग कश्यप ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से अभिनेता शिव कुमार सुब्रमण्यम की तस्वीर शेयर की है और उनके साथ बिताई अपनी यादें साझा करते हुए लिखा, "साल 1992 में, मैं जन नाट्य मंच के साथ एक नाटक कर रहा था और हम पृथ्वी थिएटर फेस्टिवल में परफॉर्म करने के लिए मुंबई आए, पहला व्यक्ति, मेरी पहली हस्ती जिसे मैंने पृथ्वी पर देखा, वह "परिंदा" के फ्रांसिस थे, वह शिव सुब्रमण्यम थे, जो फिल्म के राइटर भी थे।"
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अनुराग कश्यप, शिव कुमार सुब्रमण्यम
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इसके आगे का किस्सा शेयर करते हुए अनुराग लिखते हैं, "साल 1994 .. मैं मीडिया क्लासिक नामक एक प्रोडक्शन हाउस के लिए अपनी पहली इनडिपेंडेंट स्क्रिप्ट पर काम कर रहा था, जिसमें शर्त यह थी कि मेरी स्क्रिप्ट प्री प्रोडक्शन के बाद ही बनेगी, शिव सुब्रमण्यम द्वारा लिखित और शिवम नायर द्वारा निर्देशित की जाएगी। उन्हें स्क्रिप्ट के साथ समस्या हो रही थी और मैं अपनी बारी का इंतजार कर रहा हताश युवा लेखक था। एक समय आया जब वे फिल्म "ऑटो नारायण" को छोड़ने के लिए तैयार थे, जो प्री प्रोडक्शन में थी। मैंने उनसे अनुरोध किया कि मुझे स्क्रिप्ट पर जाने दें और इसे बंद न करें, इसलिए मेरी फिल्म बाद में बनती है। शिव और शिवम ने ग्रेसफुली मुझे ऐसा करने की अनुमति दी। "ऑटो नारायण" बनी और मेरी स्क्रिप्ट कभी नहीं बनी।
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अनुराग कश्यप, शिव कुमार सुब्रमण्यम
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अनुराग आगे लिखते हैं, "फिल्म देखने के बाद, शिव सुब्रमण्यम ने शिवम से फिल्म पर लेखक के क्रेडिट के रूप में मेरा नाम भी डालने के लिए कहा। इस तरह मुझे इस फिल्म उद्योग में अपना पहला स्क्रीन राइटिंग क्रेडिट मिला। वह "ऑटो नारायण" मुझे आरजीवी तक ले गया और "सत्य" हुआ। मैं जो कुछ भी हूं उसका बहुत कुछ शिव दादा का है और मेरे लगातार खराब स्वास्थ्य और मन की स्थिति के कारण हम लंबे समय तक मेरे संपर्क में नहीं थे। दादा के निधन की दिल दहला देने वाली खबर सुनने के लिए जागना मेरे अंदर से बहुत कुछ ले गया है। ️रेस्ट इन पीस शिव सुब्रमण्यम। सबसे उदार, सुंदर आदमी जिसे मैंने जाना है।