हिंदी सिनेमा के खिलाड़ी अभिनेता अक्षय कुमार देश में फैले कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों और उनके बचाव में लगे कोरोना वर्करों की मदद करने में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने मुंबई पुलिस को घड़ियों की एक विदेशी कंपनी की एक हजार घड़ियां दान देने का फैसला किया है। इस कदम के जरिए अक्षय कुमार लोगों का भला करने की तो सोच रहे हैं, साथ ही वह इस कंपनी के ब्रांड अंबेसडर होने के नाते कोरोना के इस दौर में घड़ियों की इस नई तकनीक का प्रचार भी कर रहे हैं।
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अक्षय कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
बाकी डिजिटल घड़ियों की तरह यह घड़ी भी पहनने वाले की ह्रदय धड़कने की दर, उसका ब्लड प्रेशर, नींद ना आने की कोई दिक्कत और शरीर का तापमान भी माप सकती है। साथ ही यह कदमों की गिनती और कैलोरी की खपत का भी ध्यान रखती है। कंपनी ने अपनी घड़ियों का परीक्षण जर्मनी की स्वास्थ्य तकनीक के साथ मिलकर किया है।
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akshay kumar
- फोटो : social media
कंपनी ने पाया कि घड़ियों का यह मॉडल कोरोना वायरस जैसी बीमारी का पता लगाने में तत्काल प्रभाव से सक्षम है। कंपनी ने दावा किया है कि इस घड़ी को कलाई पर पहनने से कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों का शीघ्रता से पता लगाया जा सकता है, साथ ही इस बीमारी को और ज्यादा फैलने से रोकने में भी मदद मिल सकती है।
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बेशक यह घड़ी लोगों की मदद करने में सक्षम है लेकिन जहां एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेशी अपनाओ और देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वहीं इस समय अक्षय कुमार एक विदेशी कंपनी की घड़ियों का प्रचार करके सोशल मीडिया पर ट्रोल्स के निशाने पर आ गए हैं। लोगों का कहना है कि यह घड़ी कोरोना वायरस की कोई दवाई या वैक्सीन नहीं है, बल्कि सिर्फ उसका पता लगाने का एक डिजिटल यंत्र है।
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अक्षय कुमार
- फोटो : Social Media
इस घड़ी के माध्यम से इकट्ठा आने वाला डाटा भी भारत में नहीं, बल्कि हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी एंड अकाउंटेबिलिटी एक्ट और जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन के तहत अमेरिका और यूरोप में भी इकट्ठा होगा। घड़ी का यह नया मॉडल बहुत ही जल्द ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध होगा।