70 और 80 के दशक के जाने- माने खलनायक रंजीत ने भी हिंदी सिनेमा में चल रही वंशवाद और पक्षपात जैसे मुद्दों पर मौजूदा बहस पर अपनी राय दी है। उन्होंने बताया है कि वंशवाद तो हमेशा से ही इस इंडस्ट्री का अभिन्न हिस्सा रहा है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया है कि हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्म 'शोले' में उन्हें एक किरदार ऑफर हुआ था। लेकिन, किन्हीं कारणों से वह किरदार किसी दूसरे कलाकार के खाते में चला गया।
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या कर लेने के बाद से ही पक्षपात, वंशवाद और खेमेबाजी जैसे मुद्दों पर सोशल मीडिया पर खूब बहस हो रही है। इसमें टीवी और हिंदी फिल्मों के भी कई कलाकार अपना अपना पक्ष रख चुके हैं। रंजीत ने भी अपनी राय देते हुए कहा कि वंशवाद और पक्षपात जैसी चीजें तो उनके समय में भी थीं। उन्होंने कहा, 'वंशवाद तो हमेशा इस फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहा है, इसी वजह से शुरुआत से ही खूब खींचतान भी रही है।'
अपनी बात जारी रखते हुए रंजीत ने कहा, 'मुझे याद है कि फिल्म 'सिलसिला' में परवीन बाबी को एक किरदार ऑफर किया गया था। लेकिन, निर्माताओं को लगा कि इस किरदार में जया बच्चन ज्यादा बेहतर लगेंगी। इसलिए, उन्होंने वह किरदार जया बच्चन को दे दिया। मुझे यह भी याद है कि डैनी को फिल्म 'शोले' में एक किरदार के लिए चुना गया था। लेकिन, उस वक्त वह बहुत व्यस्त थे इसलिए उन्होंने वह किरदार नहीं किया। फिर वह किरदार मुझे मिला। लेकिन, मैंने वह किरदार करने से मना कर दिया क्योंकि डैनी मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे। फिर वह किरदार किसी और के खाते में चला गया।'
रंजीत कहते हैं कि ऐसी चीजें तो हमेशा से होती रही हैं। उन्होंने बताया कि वह किसी ग्रुप में नहीं थे लेकिन उनके संबंध लोगों से बहुत अच्छे थे। उन्होंने लगभग हर किसी से प्यार पाया है।
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सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : Social Media
बता दें कि पिछले महीने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर वंशवाद, पक्षपात, गुटबाजी जैसे मुद्दों पर चर्चाएं हो रही हैं। इन चर्चाओं में सबसे ज्यादा करण जौहर, आदित्य चोपड़ा और सलमान खान को निशाना बनाया जा रहा है।