राज बब्बर और स्मिता पाटिल के बेटे प्रतीक बब्बर ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकामयाब रहे। आज वो कहां हैं और क्या कर रहे हैं कोई नहीं जानता। फिल्म 'एक दीवाना था' से प्रतीक को बॉलीवुड में पहचान मिली थी। ये फिल्म साल 2012 में आई थी। हालांकि प्रतीक की पहली फिल्म 'जाने तू या जाने ना थी।'
इस स्टार किड को उसके पिता मानते थे मनहूस, ड्रग्स की ऐसी लत लगी कि भेजना पड़ा रेहेब सेंटर
इस फिल्म में उन्होंने इमरान खान के साथ डेब्यू किया था। साल 2015 में उन्होंने फिल्म 'उमरिका' की। इसके बाद से बॉलीवुड में प्रतीक ने कोई फिल्म नहीं की। दो सुपरस्टार राज और स्मिता के बेटे होने के बावजूद प्रतीक की आज तक एक भी फिल्म नहीं चली। फिल्म फ्लॉप होने के चलते उन्हें कोई भी डायरेक्टर अपनी फिल्म में लेना नहीं चाहता।
इस स्टार किड को उसके पिता मानते थे मनहूस, ड्रग्स की ऐसी लत लगी कि भेजना पड़ा रेहेब सेंटर
फिलहाल प्रतीक गुमनाम है और बॉलीवुड भी उन्हें भुला चुका है। अपने एक इंटरव्यू में प्रतीक ने अपनी जिंदगी के बारे में ऐसे खुलासे किए थे जिसे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। प्रतीक का बचपन अपने नाना-नानी के घर पर बीता। राज बब्बर स्मिता से बहुत प्यार करते थे लेकिन प्रतीक के पैदा होने के एक महीने बाद ही स्मिता का निधन हो गया था।
इस स्टार किड को उसके पिता मानते थे मनहूस, ड्रग्स की ऐसी लत लगी कि भेजना पड़ा रेहेब सेंटर
इस वजह से राज बब्बर प्रतीक को मनहूस मानते थे। प्रतीक को कभी अपने मां-बाप का प्यार नहीं मिला। घर पर ध्यान देने वाला कोई नहीं था इसलिए प्रतीक को ड्रग्स की लत लग गई। 14 साल की छोटी उम्र से प्रतीक ड्रग्स के लती हो गए थे। वो शराब, गांजा और ड्रग्स के नशे में डूबे रहते थे।
इस स्टार किड को उसके पिता मानते थे मनहूस, ड्रग्स की ऐसी लत लगी कि भेजना पड़ा रेहेब सेंटर
प्रतीक की गर्लफ्रेंड एमी जैक्सन थीं। एमी से ब्रेकअप होने के बाद प्रती टूट गए। उन्हें समझ नहीं आया कि वो क्या करें। ड्रग्स लेने की आदत बढ़ती चली गई। नशा छुड़वाने के लिए उनके रिश्तेदारों ने उन्हें रेहेब सेंटर में भर्ती करवा दिया। 19 साल की उम्र तक उन्हें कई बार रेहेब सेंटर में रखा गया।