50 साल की उम्र में बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत करने वाले ए के हंगल की 1 फरवरी के बर्थ एनिवर्सरी है। एक के हंगल आज हमारे बीच होते तो 105वां जन्मदिन मनाते। ए के हंगल ने 70 से 90 के दशक तक ज्यादातर फिल्मों में पिता या फिर एक्टर्स के करीबी रिश्तेदार का किरदार निभाया। यहां तक कि शोले फिल्म में उनका रहीम काका का किरदार आज भी लोगों के जहन में जिंदा है। तो चलिए ए के हंगल की बर्थ एनिवर्सरी पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ अनकही बातें बताते हैं।
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A K Hangal
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ए के हंगल भारत को आजादी दिलाने के संघर्ष में शामिल थे। पिता के रिटायरमेंट के बाद ए के हंगल का पूरा परिवार पेशावर से कराची शिफ्ट हो गया था। तीन साल पाकिस्तान की जेल में रहने के बाद ए के हंगल साल 1949 में मुंबई लौट आए थे। इनका पूरा नाम अवतार किशन हंगल था। हालांकि ज्यादातर लोग उन्हें उनके शॉर्ट नाम यानी कि ए के हंगल के नाम से ही जानते हैं।
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ए के हंगल का जन्म 1 फरवरी 1914 को हुआ था और यह मुख्य रूप से कश्मीरी पंडित थे जिन्होंने अपना ज्यादातर बचपन पेशावर में गुजारा था। ए के हंगल थियेटर ग्रुप आईपीटीए से भी जुड़े थे। जिसमें उनके साथ बलराज साहनी और कैफी आजमी भी थे। दिलचस्प बात यह है कि ए के हंगल ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 50 साल की उम्र में की थी। ए के हंगल की पहली फिल्म बासु भट्टाचार्य की 'तीसरी कसम' थी जो कि साल 1966 में रिलीज हुई थी।
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70 से 90 के दशक तक ए के हंगल ने ज्यादातर फिल्मों में लीड रोल निभा रहे एक्टर के पिता या फिर करीबी रिश्तेदार का रोल निभाया। ए के हंगल का निभाया गया रहीम चाचा का किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है जिसमें उन्होंने मानों जान ही डाल दी थी। ए के हंगल ने कई फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया है। इन फिल्मों में नमक हराम, शौकीन, शोले, अवतार, अर्जुन, आंधी, तपस्या, कोरा कागज, बावर्ची, छुपा रुस्तम , चितचोर, बालिका वधू और गुड्डी शामिल हैं। इन्होंने अपने करियर में करीब 225 फिल्मों में काम किया था।
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हंगल ने अपना ज्यादातर जीवन अकेले ही व्यतीत किया। उनकी पत्नी का निधन हो था। उनका बेटा पास के ही फ्लैट में रहते थे। कहा जाता है कि हंगल के ड्राइंग रूम में इंटरनेशल राजनीति और नाटकों से जुड़ी हुई किताबों का नायाब कलेक्शन था। कहा जाता है कि शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने साल 1993 में ए के हंगल की फिल्मों पर बैन लगा दिया था। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें हंगल का पाकिस्तान के नेशनल डे पर हिस्सा लेना पसंद नहीं था।