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IAS, IPS से लेकर जज तक, इन युवाओं की बेमिसाल कहानियों के लिए भी जाना जाएगा साल 2019

Sun, 22 Dec 2019 10:37 AM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Sun, 22 Dec 2019 10:37 AM IST
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Year Ender 2019 IAS IPS Success Stories, youngest judge success tips for UPSC UPPSC PCJ SSC jobs
year ender 2019 ias ips success stories - फोटो : amar ujala

सफलता हासिल करना कोई आसान बात नहीं है। खुद पर नियंत्रण और अपने लक्ष्य को पाने का जुनून होना बेहद जरूरी है। लगातार मिलती हार के सामने घूटने टेकने से अच्छा है उसे एक चुनौतियों के रूप में लें। आज हम ऐसे ही कुछ शख्स की कहानी लेकर आए हैं, जिन्होंने अनेक मुश्किलों का सामना कर अपने मुकान को हासिल किया। 2019 में बहुत से ऐसे छात्र थे, जिन्होंने यूपीएससी, यीूपी पीसीएस जे आदि परीक्षा को न केवल क्रैक किया बल्कि उसने अपने साथ-साथ अपने मां-वाप का नाम भी रोशन किया। ऐसे ही टॉपर की कहानी पढ़ते हैं आगे...

Year Ender 2019 IAS IPS Success Stories, youngest judge success tips for UPSC UPPSC PCJ SSC jobs
कनिष्क कटारिया - फोटो : ट्विटर
  • आईआईटी बॉम्बे से बीटेक पास राजस्थान के कनिष्क कटारिया ने सिविल सेवा परीक्षा-2018 में शीर्ष स्थान हासिल किया।
  • अपनी उपलब्धि पर बोलते हुए कनिष्क ने कहा- यह बहुत ही आश्चर्यजनक क्षण है। मैंने पहली रैंक पाने की कभी उम्मीद नहीं की थी।
  • मैं अपने माता-पिता, बहन और मेरी प्रेमिका को मदद और नैतिक समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।
  • लोग मुझसे एक अच्छे प्रशासक बनने की उम्मीद करेंगे और यही मेरा इरादा है।
Year Ender 2019 IAS IPS Success Stories, youngest judge success tips for UPSC UPPSC PCJ SSC jobs
अक्षत जैन - फोटो : अमर उजाला
  • आईआईटी गुवाहाटी से इंजीनियरिंग करने वाले अक्षत जैन ने यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में दूसरा स्थान हासिल कर परिवार का नाम रौशन किया।
  • उन्हें अपने माता-पिता से देश सेवा का जज्बा मिला।
  • इसी के चलते इंजीनियरिंग की दुनिया छोड़कर उन्होंने आईएएस बनने का सपना देखा और इसे पूरा किया।
  • राजस्थान के जयपुर निवासी अक्षत के पिता धर्म चंद जैन भारतीय पुलिस सेवा और मां सिम्मी जैन भारतीय राजस्व सेवा में कार्यरत हैं। दोनों ही 1991 बैच के अधिकारी हैं।
  • अक्षत का परिवार मूलरूप से टोंक का रहने वाला है।
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Year Ender 2019 IAS IPS Success Stories, youngest judge success tips for UPSC UPPSC PCJ SSC jobs
mayank pratap singh - फोटो : social media
  • 21 साल के मयंक प्रताप सिंह, न्यायिक सेवा परीक्षा 2018 पास करन के साथ ही भारत के सबसे युवा जज बन गए।
  • मयंक राजस्थान के जयपुर शहर के रहने वाले हैं।
  • मयंक प्रताप सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मैं हमेशा न्यायिक सेवाओं और समाज में न्यायाधीशों को मिलने वाले सम्मान के प्रति आकर्षित रहा हूं।
  • मंयक ने साल 2014 में राजस्थान यूनिवर्सिटी में पांच साल के एलएलबी कोर्स में दाखिला लिया था, जो इसी साल पूरा हुआ है।
  • उन्होंने बताया कि मैं अपनी सफलता पर बहुत गर्व महसूस करता हूं।
  • मेरे परिवार, शिक्षकों, शुभ-चिंतकों और सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं। मयंक अब लॉ की पढ़ाई करने वाले अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे।
  • बता दें, साल 2018 तक न्यायिक सेवा परिक्षाओं में आवेदन करने की न्यूनतम उम्र 23 साल थी।
  • साल 2019 में राजस्थान हाई कोर्ट ने आवेदकों की आयु सीमा घटाकर 21 वर्ष कर दी थी।
  • मयंक ने बताया कि परीक्षा में बैठने की उम्र घटने के कारण ही मैं इस एग्जाम में बैठ पाया। अब मुझे लगता है कि इस मौके से मैं समय से पहल काफी चीजें सीख पाऊंगा।
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Year Ender 2019 IAS IPS Success Stories, youngest judge success tips for UPSC UPPSC PCJ SSC jobs
सबसे युवा आईपीएस साफिन हसन - फोटो : Instagram
  • साफिन हसन, जिन्होंने 2017 यूपीएससी परीक्षा में 570 रैंक हासिल की और मात्र 22 साल की उम्र में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी (IPS Officer) बने।
  • वे 23 दिसंबर से पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
  • साफिन गुजरात के सूरत जिले के रहने वाले हैं। 
  • उनके माता-पिता हीरे की एक यूनिट में नौकरी करते थे। 
  • एक बार जब प्राइमरी स्कूल में कलेक्टर आए थे तो सब उन्हें सम्मान दे रहे थे। ये देखकर उस वक्त साफिन को आश्चर्य हुआ। इस विषय पर साफिन ने अपनी मौसी से पूछा तो उन्होंने बताया कि कलेक्टर किसी जिले का राजा होता है। एक अच्छी पढ़ाई करके कलेक्टर बना जा सकता है। तभी साफिन ने कलेक्टर बनने की ठान ली। 
  • साफिन हसन ने बताया कि 2000 में उनका घर बन रहा था।
  • उनके माता-पिता दिन में मजदूरी और रात में घर के लिए ईंट ढोते थे।
  • उसी दौरान मंदी के चलते माता-पिता की नौकरी चली गई।
  • उसके बाद उनके पिता ने घर चलाने और बच्चों को पढ़ाने के लिए घरों में इलेक्ट्रीशिन का काम करने के साथ-साथ रात में ठेला लगाकर उबले अंडे और ब्लैक टी बेची।
  • दूसरी तरफ हसन की मां घर-घर जाकर रोटियां बनाने का काम करती थीं। 
  • न जाने कितने घंटे वे रोटियां ही बेलती रहती थीं।
  • इन्होंने प्राइमरी पढ़ाई सरकारी स्कूल में गुजराती मीडियम से की। 
  • हसन के जब 10वीं में 92 प्रतिशत आए। 
  • हसन अपने हॉस्टल खर्च के लिए छुट्टियों में बच्चों को पढ़ाते थे। 
  • यूपीएससी के पहले प्रयास के समय उनका एक्सीडेंट हो गया था। फिर भी वे परीक्षा देने गए। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। लेकिन आखिरकार उन्हें सफलता मिली।
  • KSG ( खान स्टडी ग्रुप) को आईएएस की तैयारी के लिए एक अच्छा जरिया मानते हैं। 
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