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World Post Day: भारत में एक दिन बाद क्यों मनाया जाता है डाक दिवस, वजह है दिलचस्प

Wed, 09 Oct 2019 11:53 AM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Wed, 09 Oct 2019 11:53 AM IST
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World Post Office Day: Why Postal Day is celebrated after one day in India

बदलते परिवेश और बढ़ती तकनीक ने लोगों को अनेकों सुविधाएं दी हैं। लेकिन लोग मोबाइल के चलते चिट्ठियों के महत्व को कम आकने लगे हैं। आज यानी 9 अक्तूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। जबकि 10 अक्तूबर को नेशनल पोस्ट डे मनाया जाता है। आगे पढ़ते हैं इससे जुड़ी दिलचस्प जानकारी और भारत में एक दिन बाद क्यों मनाया जाता है ये डाक दिवस...

World Post Office Day: Why Postal Day is celebrated after one day in India

बता दें कि सन् 1874 में स्विट्जरलैंड के बर्न में यूपीयू यानी यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की स्थापना आज ही के दिन हुई थी। भारत 1 जुलाई, 1876 में यूपीयू का सदस्य बना था। खास बात ये है कि भारत एशिया का पहला देश है जिसे इसकी सदस्यता मिली है।

World Post Office Day: Why Postal Day is celebrated after one day in India
  • जब देश आजाद हुआ था उस वक्त पूरे देश में 23,344 डाक घर थे। 
  • अगर शहरी क्षेत्रों की बात करें तो 19,184 डाक घर और ग्रामीण क्षेत्रों में 4,160 डाक घर थे।
  • भारत में एक डाक घर 21.20 वर्ग किमी क्षेत्र और 7174 लोगों की जनसंख्या को सेवा प्रदान करता है।
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World Post Office Day: Why Postal Day is celebrated after one day in India
- फोटो : अमर उजाल
2008 तक के आंकड़ें-
  • 2008 तक पूरे देश में 1,55,035 डाक घर थे। 
  • अगर शहरी क्षेत्रों की बात करें तो 1,39,173 डाक घर और ग्रामीण क्षेत्रों में 15,862 डाक घर थे।
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मुख्य तथ्य-
  • डाक व्यवस्थाओं ने खुद को न केवल अपडेट किया है बल्कि नई तकनीकी सेवाओं से जोड़ा है।
  • रिपोर्ट्स की मानें तो 82 फीसदी वैश्विक आबादी को डाक विभाग से होम डिलेवरी का फायदा मिलता है। 
  • पूरी दुनिया में लगभग 55 प्रकार की पोस्टल ई-सेवाएं मौजूद हैं। 
  • 77 फीसदी सेवाएं डाक द्वारा दी गई हैं।
  • बता दें कि पोस्टल कोड 142 देशों में प्रयोग किए जा रहे हैं। 
  • देश में डाक वितरण भारतीय डाक विभाग पिनकोड नंबर यानी पोस्टल इंडेक्स नंबर के आधार पर काम करता है।
  • पिनकोड नंबर की शुरुआत 15 अगस्त, 1972 में हुई थी।
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