फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Womens Day 2021 observance of International Women’s Day 2021 What is IWD Theme and History of Womens Day

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : यहां जानिए कब और क्यों से लेकर थीम और इतिहास तक के रोचक किस्से

Mon, 08 Mar 2021 11:24 AM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 08 Mar 2021 11:24 AM IST
विज्ञापन
Womens Day 2021 observance of International Women’s Day 2021 What is IWD Theme and History of Womens Day
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2021 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

महिलाओं के अदृश्य संघर्ष को सलाम करने के लिए उनके सम्मान में, उन्हें समान अधिकार और सम्मान दिलाने के उद्देश्य के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ ने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया हुआ है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के लिए कई जायज कारण हैं। महिला/स्त्री/नारी/औरत शब्द कुछ भी हो, मां/बहन/बेटी/पत्नी रिश्ता कोई सा भी हो वे हर जगह सम्मान की हकदार है। चाहे वह शिक्षक/वकील/डॉक्टर/पत्रकार/सैनिक/सरकारी कर्मी/इंजीनियर जैसे किसी पेशे में हों या फिर गृहिणी ही क्यों न हों, समानता का अधिकार उन्हें भी उतना ही है, जितना की पुरुषों का है। आधी आबादी के तौर पर महिलाएं हमारे समाज -जीवन का एक मजबूत आधार है। महिलाओं के बिना इस दुनिया की कल्पना करना ही असंभव है। कई बार महिलाओं के साथ पेशेवर जिंदगी में भेदभाव होता है। घर-परिवार में भी कई दफा उन्हें समान हक और सम्मान नहीं मिल पाता है। फिर वे जूझती हैं। संघर्ष कर करती हैं और इस दुनिया को खूबसूरत बनाने में उनका ही सर्वाधिक योगदान है। 


loader

महिलाओं के अदृश्य संघर्ष को सलाम करने के लिए उनके सम्मान में, उन्हें समान अधिकार और सम्मान दिलाने के उद्देश्य के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ ने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया हुआ है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के लिए कई जायज कारण हैं। महिला/स्त्री/नारी/औरत शब्द कुछ भी हो, मां/बहन/बेटी/पत्नी रिश्ता कोई सा भी हो वे हर जगह सम्मान की हकदार है। चाहे वह शिक्षक/वकील/डॉक्टर/पत्रकार/सैनिक/सरकारी कर्मी/इंजीनियर जैसे किसी पेशे में हों या फिर गृहिणी ही क्यों न हों, समानता का अधिकार उन्हें भी उतना ही है, जितना की पुरुषों का है। आधी आबादी के तौर पर महिलाएं हमारे समाज -जीवन का एक मजबूत आधार है। महिलाओं के बिना इस दुनिया की कल्पना करना ही असंभव है। कई बार महिलाओं के साथ पेशेवर जिंदगी में भेदभाव होता है। घर-परिवार में भी कई दफा उन्हें समान हक और सम्मान नहीं मिल पाता है। फिर वे जूझती हैं। संघर्ष कर करती हैं और इस दुनिया को खूबसूरत बनाने में उनका ही सर्वाधिक योगदान है। 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस इस बार क्या खास है?
प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाएगा। यों तो प्रत्येक वर्ष 8 मार्च के दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सरकारी, गैर- सरकारी, सामाजिक संगठनों और महिला संगठनों की ओर से कई कार्यक्रम, बड़े समारोह, सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन, इस बार कोरोना महामारी के दौर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन महिलाओं के नेतृत्व को एक पहचान और सम्मान देने का वक्त है। बीते साल वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 के कहर से पूरी दुनिया प्रभावित हुई है। इस महामारी के दौर में कोरोना योद्धाओं ने अग्रिम पंक्ति में खड़े रहकर मानवीय सेवा की मिसाल भी पेश की। इन कोरोना योद्धाओं में कई महिलाओं ने आगे बढ़कर अग्रिम मोर्चे पर सेवाएं दीं और अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया। संयुक्त राष्ट्र की ओर से इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम को महिलाओं के नेतृत्व को समर्पित किया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से जुड़ीं कईं रोचक और तथ्यात्मक जानकारियों के लिए अगली स्लाइड जरूर पढ़ें ... 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2021
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2021 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम क्या है?
  • 2021 के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम "महिला नेतृत्व: कोविड-19 की दुनिया में एक समान भविष्य को प्राप्त करना"  ("Women in leadership: an equal future in a COVID-19 world") रखी गई है। 
  • ऐसा कोरोना काल में सेवाएं देने वाली महिलाओं और लड़कियों के योगदान को रेखांकित करने के लिए किया गया है। 
  • पहली बार थीम आधारित 1996 में मनाया गया था। "अतीत का जश्न, भविष्य की योजना" उस वक्त की थीम थी।
  • बीते साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम #EachForEqual थी। 

International Womens Day 2021
International Womens Day 2021 - फोटो : istock
भारत में महिला लिंगानुपात
  • भारत में पुरुषों के मुकाबले हमेशा महिलाओं का लिंगानुपात कम ही रहा है। 
  • देश में 2011 की जनगणना के आधिकारिक आंकड़ों को देखा जाए तो प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 940 थी। 
  • लिंगानुपात समाज में पुरुषों और महिलाओं के बीच व्याप्त समानता की सीमा को मापने के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सूचक है। 
  • सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) रिपोर्ट, 2018 के अनुसार, भारत में जन्म के समय लिंगानुपात वर्ष 2018 में घटकर 899 हो गया है।

2020 में इन भारतीय महिलाओं को प्रधानमंत्री ने सौंपा सोशल मीडिया अकाउंट
2020 में इन भारतीय महिलाओं को प्रधानमंत्री ने सौंपा सोशल मीडिया अकाउंट - फोटो : Amar Ujala -फाइल फोटो
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कैसे मनाते हैं?
  • इस दिन भारत में महिला और बाल विकास मंत्रालय की ओर से महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
  • यह पुरस्कार महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में काम करने वाले लोगों, एनजीओ या फिर संस्थानों को मिलता है। 
  • रूस, कंबोडिया, नेपाल और जार्जिया जैसे कई देशों में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं के लिए छुट्टी रहती है। 
  • हालांकि, चीन में भी छुट्टी का प्रावधान है लेकिन बाध्यता नहीं है, इसलिए आधे दिन की ही छुट्टी दी जाती है। 
  • यूरोपीय देश इटली में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को ला फेस्टा डेला डोना के नाम से मनाया जाता है। महिलाओं को मिमोसा (छुईमुई) के फूल दिए जाते हैं। 
  • अमेरिका में 08 मार्च को राष्ट्रपति एक आदेश जारी कर अमेरिकी महिलाओं की उपलब्धियों की घोषणाएं और बखान करते हैं। 
 

International Women's Day 2020
International Women's Day 2020 - फोटो : President of India
शुरुआत कैसे हुई? 
  • अमेरिका में 1908 में कामकाजी महिलाओं का एक आंदोलन हुआ था। उस वक्त करीब 15 हजार महिलाएं न्यूयॉर्क की सड़कों पर उतरीं थीं। 
  • उन्होंने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई, जिनमें- नौकरी में घंटे कम करने, बेहतर वेतन देने और मतदान का अधिकार देने आदि प्रमुख मांगे थीं। 
  • इसके एक साल बाद अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने इस दिन को महिला दिवस को मनाने की घोषणा की थी।
  • 1910 में अमेरिकी महिला अधिकार कार्यकर्ता क्लारा जेटकिन डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में कामकाजी महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में शामिल हुई थीं।
  • उस कॉन्फ्रेंस में तब 17 देशों से आई 100 महिलाएं मौजूद थीं। तब क्लारा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था। 
  • इसके बाद पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 1911 में डेनमार्क, जर्मनी, ऑस्ट्रिया और स्विटजरलैंड में मनाया गया था।  
  • इसके बाद 1917 में रूस में महिलाओं ने ब्रेड एंड पीस की मांग करते हुए चार दिवसीय बड़ी हड़ताल की थी। तब रूस के बादशाह जार निकोलस को पद छोड़ना पड़ा था।
  • इसके बाद रूस में बनी अस्थायी सरकार ने महिलाओं को मतदान करने का अधिकार दिया था। उस दिन 23 फरवरी थी। 
  • रूस में तब जूलियन कैलेंडर का प्रयोग होता था। जबकि दुनिया के अधिकतर देश ग्रिगोरियन कैलेंडर का प्रयोग करने लगे थे। 
  • जूलियन कैलेंडर का 23 फरवरी का दिन, ग्रिगोरियन कैलेंडर का इस्तेमाल करने वाले देशों में 08 मार्च का दिन था।
  • इसीलिए तब से ही आठ मार्च को महिला दिवस मनाया जाने लगा। 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने वार्षिक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की मान्यता दी।
शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं और बोर्ड रिजल्ट संबंधी ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें।  

सरकारी नौकरियों और रिजल्ट से संबंधित ताजा भर्ती समाचार के लिए यहां क्लिक करें।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed