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क्या है ईशनिंदा कानून? पाकिस्तान समेत इन देशों में भी है सजा-ए-मौत का प्रावधान 

Wed, 25 Dec 2019 10:36 AM IST
Mohit Mudgal बीबीसी
बीबीसी Published by: Mohit Mudgal Updated Wed, 25 Dec 2019 10:36 AM IST
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What is blasphemy law, punishment of death in many countries including Pakistan, ish ninda kanoon

पाकिस्तान की एक अदालत ने फेसबुक पोस्ट पर की गई टिप्पणी को ईशनिंदा मानते हुए एक प्रोफेसर को सजा-ए-मौत सुनाई है। प्रोफेसर जुनैद हाफिज पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुल्तान शहर में बहाउद्दीन जकारिया यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी साहित्य विभाग में अतिथि प्राध्यापक के पद पर नियुक्त थे।



ऐसे में आपके मन में यह प्रश्न उठना लाजमी है कि क्या है यह ईशनिंदा कानून, जिसके चलते फेसबुक पोस्ट करने पर एक शिक्षक को मौत की सजा सुना दी गई। आइए आगे की स्लाइड में बताते हैं कि इस कानून के बारे में सबकुछ...

What is blasphemy law, punishment of death in many countries including Pakistan, ish ninda kanoon
  • अदालत के इस फैसले के बाद पूरी दुनिया में एक बार फिर तौहीन-ए-रिसालत यानी ईशनिंदा कानून पर बहस तेज हो गई है। 
  • साल 1990 से 2018 तक पाकिस्तान में भीड़ या लोगों ने ईशनिंदा का आरोप लगाकर कम से कम 69 लोगों की हत्या कर दी है।
  • अलग-अलग संस्थानों से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में इस समय 40 से ज्यादा लोग ईशनिंदा के कानून के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद या तो मौत की सजा का इंतजार कर रहे हैं या उम्रकैद काट रहे हैं।
 

 

What is blasphemy law, punishment of death in many countries including Pakistan, ish ninda kanoon
  • बता दें कि पाकिस्तान में निचली अदालतों में आए सैकड़ों मामलों में ईशनिंदा के लिए लोगों को सजा सुनाई गई लेकिन हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव, छानबीन की प्रक्रिया में कमी या शिकायतकर्ता की गलत मंशा को देखते हुए फैसलों को पलट दिया। 
  • पाकिस्तान में चल रहे ईशनिंदा कानून के मामलों में सैकड़ों ईसाई हैं जिनपर आरोप लगाए गए हैं। 
  • पाकिस्तान दुनिया का ऐसा अकेला देश नहीं है जहां ईशनिंदा को लेकर कानून हैं। शोध संस्थान प्यू रिसर्च की ओर से साल 2015 में जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 26 फीसदी देशों में धर्म के अपमान से जुड़े कानून हैं जिनके तहत सजा के प्रावधान हैं। 
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  • इन देशों में ईशनिंदा के आरोप के तहत जुर्माना और कैद की सजा के प्रावधान हैं, लेकिन सऊदी अरब, ईरान और पाकिस्तान में इस अपराध में मौत तक की सजा का प्रावधान है। आइए आपको ऐसे चुनिंदा देशों के बारे में बताते हैं जहां ईशनिंदा से जुड़े कानून हैं।

पाकिस्तान 

  • धर्म से संबंधित आपराधिक मामलों को सबसे पहले ब्रिटिश शासनकाल के दौरान वर्ष 1860 में संहिताबद्ध किया गया था और इसमें वर्ष 1927 में विस्तार किया गया। विभाजन के बाद पाकिस्तान ने इसे अपना लिया।
  • पाकिस्तान में जिया-उल हक की सैन्य सरकार के दौरान साल 1980 से 1986 के बीच इसमें और धाराएं शामिल की गईं। वे उनका इस्लामीकरण करना चाहते थे और वर्ष 1973 में अहमदी समुदाय को गैर-मुस्लिम समुदाय घोषित किया गया था और वो इसे कानूनी तौर पर अलग करना चाहते थे।
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  • ब्रितानी शासनकाल के दौरान बनाया गया ये आम कानून था। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी पूजा करने की वस्तु या जगह को नुकसान या फिर धार्मिक सभा में खलल डालता है तो उसे दंड दिया जाएगा। 
  • साथ ही अगर कोई किसी की धार्मिक भावनाओं का अपमान बोलकर या लिखकर या कुछ दृष्यों से करता है तो वो भी गैरकानूनी माना गया।
  • इस कानून के तहत एक से 10 साल तक की सजा दी सकती थी जिसमें जुर्माना भी लगाया जा सकता था। 
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