जसलीन कौर कानपुर की रहने वाली हैं। संघ लोक सेवा आयोग 2019 (UPSC- Union Public Service commission) में 152वीं रैंक हासिल करने वाली जसलीन बचपन से ही अधिकारी बनना चाहती थीं।
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IPS जसलीन ने बताए UPSC परीक्षा में सफल होने के ये 12 मंत्र
Thu, 13 Feb 2020 10:07 AM IST
Garima Garg
गरिमा गर्ग, अमर उजाला
गरिमा गर्ग, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Thu, 13 Feb 2020 10:07 AM IST
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जसलीन कौर
- फोटो : jaslwwn kaur
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जसलीन कौर
- फोटो : jasleen kaur
आपके परिवार में कोई सरकारी क्षेत्र से जुड़ा है?
नहीं। मेरे परिवार में कोई भी दूर-दूर तक इस सरकारी क्षेत्र से नहीं जुड़ा है। मैं पहली सदस्य हूं, जो आईपीएस बनी।
आपकी शैक्षणिक योग्यता?
मुझे बचपन से ही पढ़ना बहुत पसंद था। 10वीं-12वीं में मैंने टॉप किया था। उसके बाद मैं दिल्ली आ गई और डीयू (DU- Delhi University) से फिजिक्स ऑनर्स की। मैंने अपनी मास्टर (PG) भी दिल्ली विश्वविद्यालय से की है। इससे अलग मैंने जेआरएफ और नेट भी एनवायर्नमेंटल स्टडीज से क्लीअर किया है।
नहीं। मेरे परिवार में कोई भी दूर-दूर तक इस सरकारी क्षेत्र से नहीं जुड़ा है। मैं पहली सदस्य हूं, जो आईपीएस बनी।
आपकी शैक्षणिक योग्यता?
मुझे बचपन से ही पढ़ना बहुत पसंद था। 10वीं-12वीं में मैंने टॉप किया था। उसके बाद मैं दिल्ली आ गई और डीयू (DU- Delhi University) से फिजिक्स ऑनर्स की। मैंने अपनी मास्टर (PG) भी दिल्ली विश्वविद्यालय से की है। इससे अलग मैंने जेआरएफ और नेट भी एनवायर्नमेंटल स्टडीज से क्लीअर किया है।
जसलीन कौर
- फोटो : jasleen kaur
UPSC की तैयारी कब शुरू की?
जब मैं मास्टर्स कर रही थी तभी मैंने यूपीएससी की भी तैयारी शुरू कर दी थी। मैं जब ग्रेजुएशन में थी तो अपने आसपास के लोगों को एनजीओ में काम करते देखती थी। तो मुझे भी लगता था कि मैं भी आम जनता के लिए कुछ करूं। सिविल सर्विसेज के माध्यम से ऐसा करने का अवसर किया।
कितने अटेंप्ट में पास की परीक्षा?
यूपीएससी के तीन राउंड होते हैं। तीनों राउंड को ही क्लीअर करना जरूरी है। मैंने पहला अटेंप्ट बिना किसी तैयारी के दिया था। और प्रारंभिक परीक्षा में ही बाहर हो गई थी। पर परीक्षा में बैठने से मुझे यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की प्रकृति और पैटर्न दोनों समझ आ गए थे।
जब मैं मास्टर्स कर रही थी तभी मैंने यूपीएससी की भी तैयारी शुरू कर दी थी। मैं जब ग्रेजुएशन में थी तो अपने आसपास के लोगों को एनजीओ में काम करते देखती थी। तो मुझे भी लगता था कि मैं भी आम जनता के लिए कुछ करूं। सिविल सर्विसेज के माध्यम से ऐसा करने का अवसर किया।
कितने अटेंप्ट में पास की परीक्षा?
यूपीएससी के तीन राउंड होते हैं। तीनों राउंड को ही क्लीअर करना जरूरी है। मैंने पहला अटेंप्ट बिना किसी तैयारी के दिया था। और प्रारंभिक परीक्षा में ही बाहर हो गई थी। पर परीक्षा में बैठने से मुझे यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की प्रकृति और पैटर्न दोनों समझ आ गए थे।
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जसलीन कौर
- फोटो : jasleen kaur
प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार की तैयारी कैसे की?
- मैंने अपनी तैयारी के लिए कोचिंग की मदद ली थी। मुझे लगता है कि ये सीखने के लिए एक अच्छा विकल्प है।
- सबसे पहले मैंने परीक्षा (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) को समझा, उसके पैटर्न को जाना। साथ ही समाचार पत्र पढ़ना शुरू किया।
- करंट अफेर्यस के लिए मासिक मैग्जीन पढ़ना प्रारंभ किया। इसके अलावा मैं टॉपिक वाइज बुक लिस्ट बनाती थी।
- एनसीईआरटी की किताबों ने मेरी काफी मदद की। मैंने छठीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताबें खरीदीं।
- पिछले सालों के टेस्ट पेपर हर करने और उनके विश्लेषण करने से मुझे काफी मदद मिली।
- मुख्य परीक्षा के लिए मैंने मेंस स्पेशल मैग्जीन खरीदी थी।साथ ही तैयारी के लिए टॉपिक्स वाइज नोट्स बनाए।
- मुझे पता था कि पेपर लंबा होता और समय कम इसलिए मैं ज्यादा समय आंसर राइटिंग में लगाती थी। कंटेट को डायग्राम और चित्र के माध्यम से बेहतर लिखने का प्रयास करती थी।
- इंटरव्यू के समय प्रैक्टिकल समस्याओं और उनके इनोवेटिव सलूशन पर ज्यादा ध्यान देती थी। चूंकि मैं एक महिला हूं इसलिए मेरा फोकस रहता है महिलाओं से जुड़ी समस्या को समझना।
- इंटरव्यू के दौरान मैंने अपनी पर्सनालिटी पर ज्यादा ध्यान दिया। मैं खुद को कैसे इंटरव्यूवर के सामने अच्छा और आत्मविश्वास के साथ दिखा सकती हूं इस बात पर ज्यादा ध्यान देती थी।
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जसलीन कौर
- फोटो : jasleen kaur
तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए कोई संदेश?
जिस वक्त हम तैयारी कर रहे होते हैं तो एक समय ऐसा भी आता है जब हम सोचते हैं कि आज नहीं कल तैयारी करेंगे। मेरा मानना है अगर हम उस वक्त भी पढ़ लों तो सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता।
ये भी पढ़ें- ये मुख्यमंत्री कहलाते थे दिल्ली की राजनीति के 'मुगल-ए-आजम', एक बने 'दिल्ली के शेर'
जिस वक्त हम तैयारी कर रहे होते हैं तो एक समय ऐसा भी आता है जब हम सोचते हैं कि आज नहीं कल तैयारी करेंगे। मेरा मानना है अगर हम उस वक्त भी पढ़ लों तो सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता।
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