उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा आज राज्य के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित हुई है। करीब पांच लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए हैं। परीक्षा के बाद हर किसी के मन में ये सवाल होता है कि कटऑफ क्या हो सकता है? आपकी ये मुश्किल आसान कर रहे हैं श्याम सुंदर पाठक (असिस्टेंट कमिश्नर -PCS नोएडा)। खुद उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की पीएससी परीक्षा मेें कई बार सफलता प्राप्त कर चुके श्याम सुंदर पाठक ने UPPSC की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों के लिए कटऑफ से संबंधित महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। जानें उन्होंने क्या कहा..
UPPSC परीक्षा आज, पास होने के लिए कितना चाहिए कटऑफ, जानें तीन सालों का पैटर्न
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- हाल ही में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी पीसीएस-2019 के जारी विज्ञापन के बाद अभ्यर्थियों में कम सीटों (लगभग 300) के कारण थोड़ी मायूसी और घबराहट दोनों हैं। लेकिन ध्यान रखिए, आपने भी सिंधु को चुनौती दी है, अब धार - और मझधार की परवाह करना व्यर्थ है। आपने सोच-समझकर इस महान लक्ष्य को चुना है। इसलिए पीछे हटने का, हताश होने का कोई स्थान नहीं है।
- आइए, अब चर्चा करते हैं कि इस बार 300 सीटों पर आपकी रणनीति क्या होनी चाहिए, जब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने कई बड़े बदलाव किए हैं। पहला, बड़ा बदलाव ये है कि अब मुख्य परीक्षा के लिए कुल सीटों का 13 गुना अभ्यर्थी चुने जाएंगे। जो पहले 18 गुना निर्धारित थे। परिणाम के समय लगभग 20 गुना तक होते थे। अतः आपकी चुनौती अब दोगुनी हो गई है। हालांकि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने तक सीटों के बढ़ने की संभावना है। लेकिन पिछले वर्षों की तरह यह बहुत अधिक बढ़ जाएंगी, इसकी संभावना न के बराबर है।
- क्योंकि पीसीएस 2020 की परीक्षा भी अप्रैल में प्रस्तावित है। अतः इसका भी विज्ञापन जनवरी या फरवरी में जारी हो जाएगा। इसलिए मानकर चलिए कि सीटों की संख्या लगभग इतनी ही रहेगी। लगभग 4000 अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किए जाएंगे। जबकि PCS - 2018 में 988 पदों के लिए कुल 19096 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए थे। स्पष्ट है कि लगभग 15000 अभ्यर्थी इस बार कम चयनित होंगे। संदेश साफ है मेरिट काफी ऊंची जाएगी।
- पहले एक बार विगत वर्षों की सीटों व मेरिट की चर्चा कर लेते हैं। PCS - 2012 से 2015 तक सामान्य अध्ययन के दोनों पेपरों के मार्क्स जोड़कर मेरिट बनाई जाती थी। लेकिन PCS - 2016 से केवल पहले पेपर के आधार पर मेरिट बनाना प्रारंभ किया गया है तथा दूसरे यानी C-SAT के पेपर को क्वालिफाइंग नेचर का कर दिया गया है।
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- PCS - 2018 का पेपर काफी आसान था। परंतु फिर प्रारंभिक परीक्षा में निगेटिव मार्किंग कर दी गई, उस लिहाज से भी मेरिट अधिक कही जा सकती है। अतः यदि हम PCS - 2018 की प्री परीक्षा के परिणाम का विश्लेषण करेंगे तो पाएंगे कि 988 सीटों पर सामान्य वर्ग की मेरिट 126 अंक गई थी। यानी 150 में से लगभग 95 प्रश्न (प्रत्येक प्रश्न 1.33 अंक का होता है, अतः कुल अंक में 1.33 का भाग देने पर कुल सही प्रश्न संख्या ज्ञात होगी) प्रत्येक श्रेणी के अभ्यर्थी इसी प्रकार अपनी-अपनी श्रेणी में सही प्रश्नों का संख्या ज्ञात कर सकते हैं।
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2016 से 2018 तक क्या रहा श्रेणीवर कटऑफ
PCS - 2016 से लेकर 2018 तक श्रेणीवार कट-ऑफ निम्नवत है:
परीक्षा
सीटों की संख्या
समान्य
ओबीसी
एससी
एसटी
महिला
PCS- 2016
633
141
141
132
113
134
PCS- 2017
677
128
128
117
98
121
PCS- 2018
988
126
126
112
90
116
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