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वो गुमनाम देश जिसे भारत ने भी नहीं दी है मान्यता, देखें दुर्लभ तस्वीरें

Sun, 21 Jul 2019 01:05 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Sun, 21 Jul 2019 01:05 PM IST
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Unknown country which is abandoned by world including India, Know about Abkhazia
अबखाजिया - फोटो : स्टेफानो माज्नो व बीबीसी

जब वक्त का पहिया घूमता है तो अपने साथ सारे जमाने को बदलता चलता है। फिर भी, कुछ लोग और कुछ जगहें ऐसी होती हैं, जो गुजरे हुए समय की कैद से आजाद नहीं हो पाती हैं। आज हम आपको ऐसे ही इलाके की सैर पर ले चलते हैं। आपने शायद ही इसका नाम सुना हो। जिन्होंने सुना होगा, वो यहां गए नहीं होंगे।

Unknown country which is abandoned by world including India, Know about Abkhazia
अबखाजिया - फोटो : स्टेफानो माज्नो व बीबीसी
  • इस देश का नाम है अबखाजिया। ये इलाका पूर्वी यूरोप में काला सागर और काकेशस पर्वतों के बीच स्थित है।
  • अबखाजिया ने 1990 के दशक में खुद को आजाद मुल्क घोषित कर दिया था। लेकिन, इसे गिने-चुने देशों ने ही मान्यता दी है। तो, ये ऐसा देश है, जिसे दुनिया जानती-मानती नहीं।
     
  • 1980 के दशक के आखिर में जब सोवियत संघ बिखरना शुरू हुआ, तो अबखाजिया भी जॉर्जिया से आजाद होने के लिए अंगड़ाई लेने लगा। जॉर्जिया, सोवियत संघ से स्वतंत्र होना चाहता था और अबखाजिया उसकी पाबंदी से।
  • 1930 के दशक से अबखाजिया, सोवियत संघ के गणराज्य जॉर्जिया का हिस्सा था। लेकिन, इसे काफी खुदमुख्तारी (ऑटोनोमी) हासिल थी। लेकिन, 1931 से पहले अबखाजिया एक स्वतंत्र इलाका हुआ करता था।
     
  • अबखाजिया का बुनियादी ढांचा रख-रखाव की कमी के चलते बिखर रहा है। इसे केवल पांच देशों, रूस, निकारागुआ, सीरिया, नाउरू और वेनेज़ुएला से मान्यता मिली है।
Unknown country which is abandoned by world including India, Know about Abkhazia
अबखाजिया - फोटो : स्टेफानो माज्नो व बीबीसी
  • जब 1991 में जॉर्जिया ने सोवियत संघ से आजादी का ऐलान किया, तो अबखाजिया के बाशिंदों को लगा कि उनकी स्वायत्तता तो खत्म हो जाएगी।
  • तनाव बढ़ा और 1992 में गृहयुद्ध छिड़ गया। शुरुआत में तो जॉर्जिया की सेना को बढ़त हासिल हुई और उसने अबखाजिया के बागियों को राजधानी सुखुमी से बाहर खदेड़ दिया। लेकिन, विद्रोहियों ने फिर से ताकत जुटाकर जॉर्जिया की सेना पर तगड़ा पलटवार किया। इस लड़ाई में दसियों हजार लोग मारे गए।
     
  • इसके बाद जॉर्जियाई मूल के 2 लाख से ज्यादा लोगों को अबखाजिया छोड़कर भागना पड़ा। इस काम में रूस की सेना ने भी अबखाजिया के बागियों की मदद की थी।
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यहां तस्वीरें लेने पर है पाबंदी

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अबखाजिया - फोटो : स्टेफानो माज्नो व बीबीसी
  • सोवियत संघ के जमाने में अबखाजिया सैलानियों के बीच बहुत मशहूर था। हल्का गर्म और हल्का सर्द मौसम, सैर-सपाटे के बहुत मुफीद माना जाता था। लेकिन, 1990 के दशक में जब से गृह युद्ध छिड़ा, ये देश सैलानियों से वीरान हो गया। जॉर्जिया की सेनाएं यहां से पीछे हट गईं। आज यहां के होटल और रेस्टोरेंट वीरान पड़े हैं।
     
  • मशहूर फोटोग्राफर स्टेफानो माज्नो ने वक्त के दायरे में कैद इस देश का कई बार दौरा किया और वहां की तस्वीरें खींचीं।
  • स्टेफानो कहते हैं कि सरकारी इमारतों की तस्वीरें लेना यहां मुश्किल काम है। लेकिन, लोगों की तस्वीरें लेने में कोई दिक्कत नहीं। हाल ये है कि यहां उन तस्वीरों को डेवलप करने की तकनीक भी उपलब्ध नहीं है।
     
  • स्टेफानो कहते हैं, अभी भी अबखाजिया की सीमाओं पर रूस की सेना का कब्जा है। तो ये नाम का स्वतंत्र देश है। हकीकत में तो अबखाजिया, रूस की कठपुतली है।'
  • 2008 में जॉर्जिया से छोटी सी जंग के बाद से रूस की सेनाओं ने अबखाजिया को जॉर्जिया पर हमले के लिए इस्तेमाल करती हैं। अबखाजिया और रूस के रिश्ते बेहद करीबी हैं। वो रूस से मिलने वाली मदद पर ही निर्भर है।

 

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टैक्सी लेना मुश्किल काम

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अबखाजिया - फोटो : स्टेफानो माज्नो व बीबीसी
  • स्टेफानो बताते हैं कि यहां टैक्सी किराए पर लेना बहुत बड़ी चुनौती है। सफर के लिए आप को सरकारी बसों के भरोसे ही रहना होगा। इन्हीं से एहसास होगा कि आप टाइम मशीन पर सवार होकर समय में पीछे चले गए हैं।
     
  • मजे की बात ये है कि यहां के बस अड्डे भी सोवियत संघ के जमाने के हैं। 1990 के दशक से चली आ रही लड़ाई की वजह से यहां मलबों के ढेर लगे हैं। अबखाजिया की करेंसी रूस की रूबल है। देश की ज्यादातर संपत्तियों पर रूस का ही कब्जा है।
     
  • अबखाजिया के पास अपनी संसद भी नहीं है। राजधानी सुखुमी में यहां की संसद की पुरानी इमारत वीरान पड़ी है। पास स्थित शहर का प्रमुख रेलवे स्टेशन भी वीरान है।
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