Osmania University: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार उस्मानिया यूनिवर्सिटी को और बेहतर बनाएगी और इसकी पुरानी पहचान वापस दिलाएगी। उन्होंने कहा कि इस यूनिवर्सिटी को स्टैनफोर्ड और ऑक्सफोर्ड जैसे बड़े विश्वविद्यालयों के बराबर विकसित किया जाएगा।
Telangana CM: उस्मानिया विश्वविद्यालय बनेगा ग्लोबल स्टैंडर्ड, स्टैनफोर्ड-ऑक्सफोर्ड जैसा होगा विकसित: बोले सीएम
Telangana CM Revanth Reddy: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार उस्मानिया विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और इसे स्टैनफोर्ड व ऑक्सफोर्ड जैसे विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों के बराबर विकसित किया जाएगा।
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इंजीनियर्स समिति करेगी विकास की रूपरेखा तैयार
इस अवसर पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, " उस्मानिया विश्वविद्यालय तेलंगाना का पर्याय है क्योंकि विश्वविद्यालय और तेलंगाना को जुड़वां माना जाता है।"
विश्वविद्यालय को मजबूत बनाने के लिए, मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विकास का अध्ययन करने हेतु एक इंजीनियर्स समिति के गठन का आदेश दिया। उन्होंने कहा, "हम उस्मानिया विश्वविद्यालय को स्टैनफोर्ड और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के समान स्तर तक बढ़ावा देंगे ।"
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उस्मानिया विश्वविद्यालय एक आदर्श और इतिहास का साक्षी होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को विश्वविद्यालय के विकास के लिए अनुमान तैयार करके उन्हें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
राजनीति के साथ विकास पर भी कसा तंज
सीएमओ के बयान में कहा गया है कि वह आर्ट्स कॉलेज में एक बैठक में भाग लेने के लिए विश्वविद्यालय लौटेंगे, जहां वह बैठक में विश्वविद्यालय के विकास के लिए धनराशि की मंजूरी की घोषणा करेंगे।
इसके अलावा, सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी अगली बैठक के दौरान विश्वविद्यालय में कोई पुलिस बल तैनात नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मेरे दौरे के दौरान विपक्षी दल विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन करें। मैं उन लोगों को भी जवाब देने के लिए तैयार हूं जो मुझे विश्वविद्यालय आने से रोक रहे हैं।"
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कुछ राजनीतिक नेता सत्ता खोने के बाद हताश हैं। बीआरएस का शीर्ष नेतृत्त्व अपने बेटों के राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित है।"
गलत सूचनाओं से सतर्क रहें
छात्रों से विपक्ष के जाल में न फंसने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी और वह हर समय छात्रों के लिए उपलब्ध हैं और उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने छात्रों को झूठ के बहकावे में न आने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, "विपक्ष व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर सरकार के बारे में गलत जानकारी फैला रहा था। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके यह खबर फैलाई कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में शेर और हाथी रह रहे हैं। दरअसल, तेलंगाना राज्य शेरों और हाथियों का घर नहीं है।"
विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव रूप में कुछ दरिंदे बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे तेलंगाना समाज में 'दीमक' हैं और तेलंगाना का विकास नहीं चाहते हैं।"
इतिहास और संघर्षों का गवाह रहा है उस्मानिया विश्वविद्यालय
उस्मानिया विश्वविद्यालय की प्रमुखता पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, "विश्वविद्यालय की भूमि 1938 के सशस्त्र किसान संघर्ष के लिए एक प्रेरणा है। एस जयपाल रेड्डी, शिवराज पाटिल और पीवी नरसिम्हा राव, जिन्होंने देश को दुनिया में लोकप्रिय बनाया, विश्वविद्यालय के छात्र थे। विश्वविद्यालय तेलंगाना में संघर्षों के दौरान बहस का केंद्र भी रहा है क्योंकि यह संस्थान पढ़ाई के अलावा लड़ना भी सिखाता है। यह उस्मानिया विश्वविद्यालय ही था जिसने तेलंगाना आंदोलन को आगे बढ़ाया जब राजनीतिक नेताओं ने अपने हितों के लिए हार मान ती थी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस्मानिया विश्वविद्यालय को अनेक बुद्धिजीवियों को जन्म देने का श्रेय दिया जाता है।
उन्होंने कहा, "बीआरएस के 10 साल के शासन के दौरान, नेताओं ने विश्वविद्यालय को कमजोर करने की साजिश रची। सत्ता में आने के तुरंत बाद, पीपुल्स सरकार ने उस्मानिया विश्वविद्यालय के गौरव को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई ।
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