जब आनंद कुमार ने 2002 में इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा के लिए वंचित छात्रों को कोच बनाने के लिए सुपर 30 शुरू किया, तो उन्हें नहीं पता था कि यह सैकड़ों उज्ज्वल छात्र-छात्राओं का जीवन बदल देगा। कुमार के सुपर 30 ने उन प्रतिभशाली इंजीनियरिंग उम्मीदवारों को मुफ्त कोचिंग प्रदान की, जिनके पास बिहार में महंगे कोचिंग संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए पैसे नहीं थे।
ये सरकारी संस्थान सुपर 30 को देते हैं टक्कर, फिल्म देखने से पहले जान लें ये बात
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Fri, 12 Jul 2019 05:20 PM IST
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