आज से 87 साल पहले देश के आसमानी लड़ाकों की टीम तैयार हुई थी। ये टीम थी हमारी भारतीय वायुसेना की। 8 अक्तूबर 1932 में भारतीय वायुसेना की नींव रखी गई थी। और इस दिन को भारतीय वायुसेना दिवस (IAF Day - Indian Air Force Day) के रूप में मनाया जाता है। शुरुआत में वायुसेना में 4 चार वेस्टलैंड वापिती बाइप्लेन्स थे और पांच भारतीय पायलट। आज भारतीय वायुसेना के बेड़े में 1720 से ज्यादा विमान हैं और 1.70 लाख से ज्यादा वायुसैनिक। हम आपको उन 11 बड़े मौकों के बारे में बता रहे हैं जब देश को विजय दिलाने में भारतीय वायुसेना ने अहम भूमिका निभाई और अपना पराक्रम दिखाया। इसके लिए आगे की स्लाइड्स देखें।
वो 11 बड़े मौके जब वायुसेना ने दिखाया पराक्रम...भारत को मिली विजय
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1. द्वितीय विश्व युद्धः जापानी सेना को थाईलैंड में रोका
द्वीतीय विश्व युद्ध में जब जापानी सेना बर्मा की तरफ बढ़ रही थी तब भारतीय वायुसेना ने उसे रोका था। इसके लिए भारतीय वायुसेना ने थाईलैंड में अराकान, माए होंग सोन, चियांग माई और चियांग राई बेस पर मौजूद जापानी सेना को मार भगाया था। इस युद्ध में भारतीय वायुसेना ब्रिटिश और अमेरिकी सेनाओं की मदद कर रही थी। इस युद्ध के हीरो थे फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्जन सिंह। जो बाद में एयरफोर्स के मार्शल बने।
2. 1947: जब देश आजाद हुआ, राहत कार्य में लगी वायुसेना
देश की आजादी के साथ भारत और पाकिस्तान अलग हो गए। वायुसेना भी दो भागों में बंट गई। उसी समय जम्मू-कश्मीर की राजशाही पर कबीलाई हमलावरों ने हमला कर दिया। इन कबीलाई हमलावरों को पाकिस्तान का समर्थन था। दोनों देशों के बीच अघोषित युद्ध चल रहा था। जब कश्मीरी लोग फंस गए, तब भारतीय वायुसेना ने उन्हें निकालने में मदद की।
3. 1960-61: कॉन्गो में शांति स्थापित किया, गोवा को आजादी दिलाई
1960 में कॉन्गो से बेल्जियम का शासन खत्म हुआ। इसके बाद पूरे कॉन्गो में हिंसा और विद्रोह होने लगा। इसे रोकने के लिए भारतीय वायुसेना ने पांच स्क्वाड्रन कॉन्गो भेजे ताकि शांति कायम की जा सके। इसके बाद, 1961 में पुर्तगाली शासन गोवा को छोड़ना नहीं चाहता था.। तब भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन विजय चलाया। भारतीय वायुसेना ने पुर्तगाली सेना को हराकर गोवा को आजादी दिलाकर भारत से मिलाया।
4. 1965: पाकिस्तानी सेनाओं की धज्जियां उड़ा दीं
1947 के बाद पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर पर कब्जे के लिए दूसरी बार हमला करने की हिमाकत की। लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी। भारतीय वायुसेना ने न केवल उसके लड़ाकू विमानों को मार गिराया, बल्कि कई सैन्य बेसों को ध्वस्त कर दिया। भारतीय वायुसेना को भी काफी नुकसान हुआ, लेकिन हमारे वीर जवानों ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दीं।
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