27 साल पुराना है मोदी और अमित शाह का साथ, आधुनिक राजनीति के चाणक्य की ये है दिलचस्प कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिता के कारोबार में बटाते थे हाथ-
- 22 अक्टूबर, 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में जन्मे अमित शाह गुजरात के एक रईस परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
- उनकी शुरुआती पढ़ाई मेहसाणा में हुई है।
- उसके बाद बॉयोकेमिस्ट्री की पढ़ाई के लिए शाह अहमदाबाद आ गए, जहां से उन्होंने बॉयोकेमिस्ट्री में बीएससी की और फिर अपने पिता का कारोबार संभालने में जुट गए।
- उनके पिता का मनसा में प्लास्टिक के पाइप का कारोबार था।
14 साल की उम्र में आरएसएस का बने थे हिस्साा-
- कहते हैं कि अमित शाह महज 14 साल की उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे।
- उनकी राजनीतिक शुरुआत आरएसएस से हुई थी।
- साल 1982 में वो एबीवीपी के सबसे युवा कार्यकर्ताओं में से एक थे। (इसी साल उनकी मुलाकात मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई थी)
- उनके काम से प्रभावित होकर संगठन ने उसी साल उन्हें अहमदाबाद का सचिव बना दिया।
- इसके बाद 1986 में वह भाजपा में शामिल हुए और तब से उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
2014 के लोकसभा चुनाव से करीब 10 महीने पहले यानी 12 जून, 2013 को अमित शाह को पहली बार पार्टी की ओर के उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था। तब प्रदेश में भाजपा के पास महज 10 लोकसभा सीटें ही थीं। उनके संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व क्षमता का अंदाजा तब लगा, जब 16 मई 2014 को सोलहवीं लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 71 सीटें जीतकर चमत्कार कर दिया था। उत्तर प्रदेश में भाजपा की ये अब तक की सबसे बड़ी जीत थी। इस करिश्माई जीत के बाद अमित शाह का कद पार्टी के भीतर इतना बढ़ा कि उन्हें सीधे अध्यक्ष बना दिया गया। इसके बाद की कहानी तो आप देख ही रहे हैं कि उन्होंने पार्टी को कहां पहुंचाया है।
42 चुनावों में मिली जीत-
- 1989 से 2014 के बीच अमित शाह ने गुजरात राज्य विधानसभा और विभिन्न स्थानीय निकायों के लिए 42 छोटे-बड़े चुनाव लड़े और सभी में उन्हें जीत मिली।
- 1997, 1998, 2002 और 2007 में वह सरखेज विधानसभा क्षेत्र से जीते।
- इसके बाद साल 2012 में वह अहमदाबाद के नरणपुरा से विधायक बने।
- इसके अलावा 1999 में वह अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक (एडीसीबी) के प्रेसिडेंट चुने गए।
- 2009 में गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बने और फिर 2014 में नरेंद्र मोदी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद वही इसके अध्यक्ष भी बने।
- 003 से 2010 तक उन्होंने गुजरात सरकार की कैबिनेट में गृह मंत्रालय का जिम्मा संभाला।
कमेंट
कमेंट X