सीबीएसई: सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को फिर खोलने से किया इनकार, जानें क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सीबीएसई को पुनर्मूल्यांकन के लिए पोर्टल दोबारा खोलने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है।
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CBSE Re-evaluation Portal: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन छात्रों के लिए सीबीएसई का पुनर्मूल्यांकन पोर्टल दोबारा खोलने का आदेश देने से इनकार कर दिया, जिन्हें 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) के तहत पुनर्मूल्यांकन में परेशानी हुई थी।
सीबीएसई का ओएसएम एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है। इसमें शिक्षक उत्तर पुस्तिका की कागजी कॉपी जांचने के बजाय कंप्यूटर पर उसकी स्कैन की गई कॉपी देखकर अंक देते हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची व वी. मोहना की पीठ ने कहा कि पुनर्मूल्यांकन पोर्टल सभी छात्रों के लिए तय समय तक खुला था। अगर इसे दोबारा खोला गया तो दूसरे छात्रों की ओर से भी नए दावे सामने आ सकते हैं।
सीबीएसई ने कहा- तय समय में 1.68 लाख छात्रों ने किया आवेदन
CJI ने कहा, "हम उन्हें आपके लिए यह विंडो दोबारा खोलने का निर्देश क्यों दें? अगर आप बस का इस्तेमाल नहीं करते, तो आपकी बस छूट जाती है। यह विंडो सभी के लिए एक निश्चित समय तक खुली थी।"
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि वे केवल एक सप्ताह का समय मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा, "वेबसाइट क्रैश हो गई थी और कई छात्र ऑन-स्क्रीन वेरिफिकेशन के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे।"
याचिका में OSM सिस्टम में गड़बड़ियों का आरोप
उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही इसी तरह की एक चुनौती को खारिज कर चुका है।
सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए CBSE द्वारा OSM सिस्टम को लागू करने के तरीके को चुनौती दी गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि डिजिटल स्कैनिंग शुरू करने से कई अनियमितताएं हुईं, जैसे उत्तर पुस्तिकाओं के कुछ पन्नों का स्कैन न होना, स्कैन का साफ न होना और कुछ उत्तरों या पन्नों का मूल्यांकन न होना।
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