CBSE: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने बुधवार को बोर्ड परीक्षाओं की संभावित तिथियां जारी कर दी है। सीबीएसई ने इस बार बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कई बड़े बदलाव किए हैं। जहां कक्षा 10वीं के छात्रों को साल में दो बार परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा, वहीं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं साल में एक बार ही आयोजित होगी।
CBSE: 10वीं के एग्जाम दो बार, 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू; जानें इस बार बोर्ड परीक्षा में क्या अलग रहेगा
Class 10 Two-Phase Exam: सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की संभावित तिथियां जारी हो चुकी है। परीक्षाएं फरवरी से शुरू हो रही है। यह वर्ष खास है क्योंकि कक्षा 10वीं की परीक्षाएं पहली बार दो चरणों में आयोजित की जाएंगी। आइए जानते हैं इस बार बोर्ड परीक्षा में क्या नया होगा।
इस बार बोर्ड परीक्षा में क्या रहेगा अलग?
10वीं की परीक्षा साल में दो बार
जेईई मेन परीक्षा की तर्ज पर 10वीं की बोर्ड परीक्षा भी दो बार आयोजित होगी। इसमें से बेस्ट स्कोर के आधार पर छात्रों का रिजल्ट तैयार होगा। पहली परीक्षा फरवरी में और दूसरी मई में। पहली परीक्षा (फरवरी) सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगी। दूसरी परीक्षा मुख्यतः उन छात्रों के लिए होगी जो अंक सुधारना चाहें (“improvement”) या कुछ विषयों में पिछड़ गये हों।
यदि किसी छात्र ने पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में अनुपस्थित रहा या फेल हो गया, तो वह “Essential Repeat” श्रेणी में रखा जाएगा और मई सत्र में परीक्षा नहीं दे सकेगा। उन्हें अगली सत्र में परीक्षा देनी होगी।
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कब आएगा रिजल्ट?
सीबीएसई कक्षा 10वीं के प्रथम और द्वितीय चरण के परिणाम क्रमशः अप्रैल और जून में घोषित किए जाएंगे। विषय परिवर्तन (subject change) पहली और दूसरी परीक्षा के बीच नहीं किया जा सकेगा। दोनों परीक्षाएं पूरे शैक्षणिक वर्ष का सिलेबस कवर करेंगी, किसी विशेष हिस्से (term-wise) की परीक्षा नहीं होगी।
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा था, "पहला चरण फरवरी में और दूसरा मई में आयोजित किया जाएगा। दोनों चरणों के परिणाम क्रमशः अप्रैल और जून में घोषित किए जाएंगे। छात्रों के लिए पहले चरण में शामिल होना अनिवार्य होगा जबकि दूसरा चरण वैकल्पिक होगा। छात्रों को विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की अनुमति होगी।"
75% अटेंडेंस अनिवार्य
छात्रों को परीक्षा देने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। आंतरिक मूल्यांकन (projects, class tests, आदि) पहली परीक्षा से पहले ही आयोजित होंगे और उन्हें पात्रता में शामिल किया जाएगा। यदि किसी छात्र की उपस्थिति या आंतरिक मूल्यांकन में अनियमितता पाई गई, तो उसे “Essential Repeat” या अनुपस्थित माना जा सकता है।
अपार आईडी से लिंक करना अनिवार्य
- कक्षा 9 और 11 की पंजीकरण प्रक्रिया अब Pariksha Sangam पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य होगी।
- कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए स्वचालित स्थायी शैक्षणिक खाता रजिस्ट्री (APAAR ID) से लिंक करना अनिवार्य है (अंतरराष्ट्रीय स्कूलों को छूट)।
- जब स्कूल अभ्यर्थियों की सूची (LOC) सबमिट करेंगे, तो एक डेटा सत्यापन पर्ची जारी की जाएगी, जिसमें छात्र का नाम, जन्मतिथि, विषय कोड आदि की पुष्टि या सुधार करने का अवसर होगा।
- विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) के लिए प्रक्रिया सख्त है, यदि किसी छात्र का डेटा समय पर अपलोड नहीं किया गया, तो बाद में सुधार संभव नहीं होगा।
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