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यहां सरकार ने तय की हर बच्चे की दिनचर्या...पढ़ने, गेम खेलने और सोने पर भी 'कर्फ्यू'

Sat, 09 Nov 2019 02:06 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Sat, 09 Nov 2019 02:06 PM IST
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China restricts online gaming and homework timing for children, Parents name govt decision as curfew

क्या हो अगर आपके बच्चे की दिनचर्या सरकार तय करे? बच्चा कितने बजे तक होमवर्क करेगा, कितने बजे तक गेम खेलेगा, कब सोएगा... ये सारे फैसले अगर सरकार लेने लगे तो..? ऐसा हकीकत में हो भी रहा है। ऐसा करने वाला देश है चीन।



यहां सरकार ने बच्चों के होमवर्क करने, गेम खेलने, पैसे खर्च करने से लेकर सोने तक के समय पर पाबंदी लगा दी है। अभिभावक इसे कर्फ्यू का नाम दे रहे हैं। साथ ही विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। कुछ मामलों में वे अभिभावक सरकार के साथ हैं, तो कुछ के खिलाफ।

आगे पढ़ें, कैसी है बच्चों के लिए सरकार की बनाई दिनचर्या

China restricts online gaming and homework timing for children, Parents name govt decision as curfew
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

होमवर्क व पढ़ाई के मामले में...

  • हर माता-पिता को अपने बच्चों को रात 10 से पहले सुलाना है, फिर चाहे उनका होमवर्क पूरा हुआ हो या नहीं।
  • प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए बिस्तर पर जाने का समय रात 9 बजे तय किया गया है।
  • सप्ताहांत में अभिभावक अपने बच्चों के लिए ट्यूटर नहीं रख सकते।
  • शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को सुझाव दिया है कि वे छुट्टियों व सप्ताहांत में बच्चों से ज्यादा पढ़ाई न कराएं।

आगे पढ़ें, गेम खेलने पर कैसे लगा है लगाम

China restricts online gaming and homework timing for children, Parents name govt decision as curfew
सांकेतिक तस्वीर
  • 18 साल से कम उम्र के बच्चे रात 10 से सुबह 8 बजे के बीच ऑनलाइन गेम नहीं खेल सकते। 
  • बच्चों को सप्ताह के दिनों में कुल मिलाकर 90 मिनट और सप्ताहांत व छुट्टियों में 3 घंटे तक ही गेम खेलने की अनुमति होगी।
  • वीडियो गेम की लत पर लगाम लगाने के लिए चीन ने यह कदम उठाया है। गौरतलब है कि चीन दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग बाजारों में से एक है।

खर्चों पर भी लगी पाबंदी, जानें कैसे

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China restricts online gaming and homework timing for children, Parents name govt decision as curfew
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • चीन की सरकार ने ऑनलाइन गेम्स पर बच्चों द्वारा किए जाने वाले खर्चों पर भी पाबंदी लगी दी है।
  • इसके अनुसार, 8 से 16 साल की उम्र के बच्चे हर महीने अधिकतम 200 युआन (करीब 2000 रुपये) खर्च कर सकते हैं। 
  • वहीं, 16 से 18 साल के लोग गेमिंग खातों पर 400 युआन (करीब 4000 रुपये) तक खर्च कर सकते हैं।

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आगे पढ़ें, क्या पहली बार लगे ऐसे प्रतिबंध?

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China restricts online gaming and homework timing for children, Parents name govt decision as curfew
- फोटो : pixa

इतने सख्त प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा पहली बार हुई है। हालांकि इससे पहले गेमिंग को लेकर 2018 में भी चीन ने कदम उठाए थे। तब नए वीडियो गेम की अनुमति पर भी रोक लगाई थी। लेकिन महज 9 महीने बाद ही गिरते बाजार के कारण यह पाबंदी खत्म हो गई थी।

एक बड़ी गेमिंग कंपनी टेंसेंट ने भी एक बार 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए गेम खेलने का समय एक घंटा और 12 से 18 साल तक के बच्चों के लिए अधिकतम दो घंटे का समय निश्चित कर दिया था। तब उस कंपनी को भी आलोचना का सामना करना पड़ा था। 

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कितने खतरनाक हैं वीडियो गेम्स?

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