क्या हो अगर आपके बच्चे की दिनचर्या सरकार तय करे? बच्चा कितने बजे तक होमवर्क करेगा, कितने बजे तक गेम खेलेगा, कब सोएगा... ये सारे फैसले अगर सरकार लेने लगे तो..? ऐसा हकीकत में हो भी रहा है। ऐसा करने वाला देश है चीन।
यहां सरकार ने तय की हर बच्चे की दिनचर्या...पढ़ने, गेम खेलने और सोने पर भी 'कर्फ्यू'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होमवर्क व पढ़ाई के मामले में...
- हर माता-पिता को अपने बच्चों को रात 10 से पहले सुलाना है, फिर चाहे उनका होमवर्क पूरा हुआ हो या नहीं।
- प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए बिस्तर पर जाने का समय रात 9 बजे तय किया गया है।
- सप्ताहांत में अभिभावक अपने बच्चों के लिए ट्यूटर नहीं रख सकते।
- शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को सुझाव दिया है कि वे छुट्टियों व सप्ताहांत में बच्चों से ज्यादा पढ़ाई न कराएं।
आगे पढ़ें, गेम खेलने पर कैसे लगा है लगाम
- 18 साल से कम उम्र के बच्चे रात 10 से सुबह 8 बजे के बीच ऑनलाइन गेम नहीं खेल सकते।
- बच्चों को सप्ताह के दिनों में कुल मिलाकर 90 मिनट और सप्ताहांत व छुट्टियों में 3 घंटे तक ही गेम खेलने की अनुमति होगी।
- वीडियो गेम की लत पर लगाम लगाने के लिए चीन ने यह कदम उठाया है। गौरतलब है कि चीन दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग बाजारों में से एक है।
खर्चों पर भी लगी पाबंदी, जानें कैसे
- चीन की सरकार ने ऑनलाइन गेम्स पर बच्चों द्वारा किए जाने वाले खर्चों पर भी पाबंदी लगी दी है।
- इसके अनुसार, 8 से 16 साल की उम्र के बच्चे हर महीने अधिकतम 200 युआन (करीब 2000 रुपये) खर्च कर सकते हैं।
- वहीं, 16 से 18 साल के लोग गेमिंग खातों पर 400 युआन (करीब 4000 रुपये) तक खर्च कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें : दो दिनों में खुलेगा पाकिस्तान का करतारपुर कॉरिडोर, जानें इससे जुड़े 10 सवालों के जवाब
आगे पढ़ें, क्या पहली बार लगे ऐसे प्रतिबंध?
इतने सख्त प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा पहली बार हुई है। हालांकि इससे पहले गेमिंग को लेकर 2018 में भी चीन ने कदम उठाए थे। तब नए वीडियो गेम की अनुमति पर भी रोक लगाई थी। लेकिन महज 9 महीने बाद ही गिरते बाजार के कारण यह पाबंदी खत्म हो गई थी।
एक बड़ी गेमिंग कंपनी टेंसेंट ने भी एक बार 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए गेम खेलने का समय एक घंटा और 12 से 18 साल तक के बच्चों के लिए अधिकतम दो घंटे का समय निश्चित कर दिया था। तब उस कंपनी को भी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
ये भी पढ़ें : जानिए सुप्रीम कोर्ट के उन पांच जजों के बारे में, जो अयोध्या मामले पर सुनाएंगे फैसला
कमेंट
कमेंट X