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Chandrayaan 2: क्यों बिगड़ी 'विक्रम' की लैंडिंग, ISRO वैज्ञानिक ने बताए ये बड़े कारण

Fri, 13 Sep 2019 10:51 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 13 Sep 2019 10:51 AM IST
सार

  • इसरो साइंटिस्ट ने बताया - विक्रम लैंडर क्यों नहीं कर सका सॉफ्ट लैंडिंग
  • इसरो के साथ अब नासा भी कर रहा है विक्रम से संपर्क की कोशिश

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Chandrayaan 2 Reason why Vikram lander not laneded as planned, ISRO scientist explained
विक्रम लैंडर - फोटो : isro

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO - Indian Space Research Organisation) के वैज्ञानिक लगातार चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) के विक्रम लैंडर से संपर्क साधने की कोशिश में लगे हैं। विक्रम लैंडर से संपर्क करने के लिए ये दिन रात एक कर काम कर रहे हैं। सिर्फ इसरो ही नहीं, अब अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) भी विक्रम से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। नासा ने विक्रम को 'हैलो' का मैसेज भी भेजा है।


 


एक तरफ जहां ये कोशिशें चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों के मन में एक सवाल जरूर है कि आखिर क्यों विक्रम ने सॉफ्ट लैंडिंग नहीं की? क्यों उससे संपर्क टूटा? इसके तीन बड़े कारण सामने आए हैं। इस बारे में आगे पढ़ें।

Chandrayaan 2 Reason why Vikram lander not laneded as planned, ISRO scientist explained
प्रो. तपन मिश्रा - फोटो : Facebook

अहमदाबाद स्थित इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (SAC) के पूर्व निदेशक और आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) के एडजंक्ट प्रोफेसर तपन मिश्रा ने ये कारण बताए हैं। उन्होंने इस बारे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है।


प्रो. तपन मिश्रा ने विक्रम की लैंडिंग बिगड़ने के जो कारण बताए, वो हम आपको आगे की स्लाइड्स में समझा रहे हैं।

Chandrayaan 2 Reason why Vikram lander not laneded as planned, ISRO scientist explained
विक्रम लैंडर - फोटो : isro

ईंधन की इंजन तक पहुंच

ईंधन की टंकी विक्रम लैंडर का एक बड़ा हिस्सा है। जब विक्रम लैंडर तेज गति से चांद की ओर बढ़ रहा था, तब बीच-बीच में उसमें ब्रेक भी लगाए जा रहे थे। तेज गति और ब्रेक के कारण ईंधन अपनी टंकी में उछल रहा होगा। जिस कारण वह इंजन के नॉजल तक सही से पहुंच नहीं सका होगा। लैंडिंग के समय विक्रम लैंडर के थ्रस्टर्स को पूरा ईंधन न मिलने से गड़बड़ी आ सकती है। 

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क्या होते हैं थ्रस्टर्स और क्या है दूसरा कारण? आगे पढ़ें।

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Chandrayaan 2 Reason why Vikram lander not laneded as planned, ISRO scientist explained
विक्रम लैंडर - फोटो : ISRO

थ्रस्टर्स - जो एक साथ स्टार्ट नहीं हुए

विक्रम लैंडर को चांद की सतह पर उतरते समय सीधा रहना था। साथ ही उसकी गति भी 2 मीटर प्रति सेकंड होनी थी। इस लैंडिंग में विक्रम में लगे पांच बड़े थ्रस्टर्स को मदद करनी थी। चार थ्रस्टर्स विक्रम के चार कोनों पर लगे थे और एक लैंडर के बीच में। लेकिन लैंडिंग के समय चार कोनों पर लगे थ्रस्टर्स तो काम कर रहे थे, पर बीच वाला बंद था।

हो सकता है सभी बड़े थ्रस्टर्स में एकसाथ ईंधन न पहुंचा हो और वे एक साथ स्टार्ट नहीं हो पाए। इस कारण लैंडर तेजी से घूमने लगा होगा , जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। लैंडिंग से समय वह उल्टा हो चुका था। यानी उसकी दिशा हॉरिजेंटल से वर्टिकल हो चुकी थी।

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Chandrayaan 2 Reason why Vikram lander not laneded as planned, ISRO scientist explained
विक्रम लैंडर और उसमें नीचे की तरफ लगे थ्रस्टर्स - फोटो : ISRO

क्या होते हैं थ्रस्टर्स?

थ्रस्टर्स छोटे रॉकेट जैसे होते हैं। ये किसी चीज को आगे या पीछे की दिशा में बढ़ने में मदद करते हैं। विक्रम लैंडर में पांच बड़े थ्रस्टर्स के अलावा आठ छोटे थ्रस्टर्स लगाए गए थे। इन्हीं की मदद से विक्रम ने चांद के चक्कर भी लगाए।

आगे पढ़ें इसरो वैज्ञानिक प्रो. तपन मिश्रा द्वारा बताया गया तीसरा बड़ा कारण।

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