इन्वर्टिस विश्वविद्यालय ने पहली बार नेशनल असोसिएशन फाॅर स्टूडेन्ट्स आॅफ आर्किटेक्चर (नासा), इंडिया के सहयोग से ’’ज़ोनासा’’ का आयोजन किया। ये राष्ट्रीय कार्यक्रम 01 से 04 अक्टूबर को इन्वर्टिस के हरे-भरे परिसर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की थीम ’’अनंतीकर्षा’’ चुनी गई जिसका अर्थ है ’अंनत चित्रकारी’।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मशहूर आर्किटेक्ट यतिन पांडेय जो कि एक लेखक, शोधकर्ता, विद्धान, कार्यकर्ता भी हैं। उनकी विख्यात कंपनी ’’फुटप्रिंट्स’’ ने वास्तु-शिल्प के क्षेत्र में बहुत से शोध किये है और उन्होने वास्तु-शिल्प की बारीकियों को छात्रों के साथ साझा किया।
इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में चल रहे चार दिवसीय राष्ट्रीय समारोह ’’जोनासा 2016’’ के दूसरे दिन भी धमाल और मस्ती का समा जारी रहा। थीम ’’अनंतीकर्षा’’ के अनुरूप दूसरे दिन की शुरूआत औपचारिक कार्यक्रम ’मेन डिजाइन वन’ से हुई। ये कार्यक्रम 2 और 3 अक्टूबर तक चला जिसमें छात्रों को अमोद-प्रमोद जैसी कल्पना की अभिव्यक्ति करनी थी।
वहीं ’डिजाइन 30’ जैसे उत्पादक कार्यक्रमों ने छात्रों को उनकी परिकल्पना को दर्शाने का मौका दिया। यह कार्यक्रम 30 घंटों तक चला। और आखिर में डिजाइन प्रतियोगिता के तीसरे स्तर में संगीन की खाली जगहों में रंगों से मनमोहक वस्तु बनाने थे।
सभी औपचारिक, अनऔपचारिक और फन कार्यक्रमों के साथ दूसरे दिन का प्रमुख कार्यक्रम ’’टायरक्रीस’’ द फैशन शो ने महोत्सव में चार चांद लगा दिया। रैंप पर उतरे अलग-अलग कॉलेजों के छात्रों ने राशि चिन्ह पर आधारित पोशाकों को धारण करके नया रंग जमाया। ये पोशाकें पंखों और जीवन के पांच तत्वों जैसे आग, पानी, आकाश, हवा और धरती पर आधारित थीं।
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