हिंदी दिवस के मौके पर हम आपको अपनी राज भाषा के संदर्भ में ऐसे तथ्यों की जानकारी दे रहे हैं जिसे जानना आपके लिए जरूरी है।
लगा रहे प्रेम हिंदी में, पढूं हिंदी, लिखूं हिंदी,
चलन हिंदी.. चलूं मै हिंदी.. पहरना, ओढ़ना खाना
राम प्रसाद बिस्मिल की ये कविता अपने आप में हिंदी के महत्व को बयां करती है। हिंदी केवल हमारी भाषा ही नहीं बल्कि मां है। हिंदी हमारी भाषा का वो धागा है जिसने हमें और आपको एक सूत्र में बांधे रखा है।
हिंदी 25 लाख लोगों द्वारा मूल भाषा के रूप में बोली जाती है और इसे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी भाषा का दर्जा प्राप्त है।
इसके अलावा हिंदी भारत के 18 करोड़ लोगों की मातृ भाषा है। 30 करोड़ लोग ऐसे हैं जो हिंदी का इस्तेमाल अपनी अपनी दूसरी भाषा के रूप में करते हैं।
दुनिया में करीब 150 देश ऐसे हैं जहां हिंदीभाषी लोग मौजूद हैं। हिंदी दुनिया की ताकतवर भाषाओं में शामिल है।
हिंदी की जड़ें लगभग 5,000 ईसा पूर्व बोली जानी वाली संस्कृत भाषा के साथ जुड़ी हुई हैं।
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