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बॉर्डर पर देश की सुरक्षा करते हुए की पढ़ाई, पांचवीं कोशिश में बन गए IAS ऑफिसर

Thu, 18 Jul 2019 12:22 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Thu, 18 Jul 2019 12:22 PM IST
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BSF Jawan prepared for UPSC serving on Indian border, Cracks IAS in 5th attempt, Know success story
हरप्रीत सिंह अपने परिवार के साथ - फोटो : Harpreet Facebook

निरंतर कोशिश, लगन और कड़ी मेहनत से हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं। ये बात गलत नहीं है। इंसान में काबिलियत है कि वो अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है। ये बात एक बीएसफ जवान हरप्रीत सिंह ने सच कर दिखाई है। बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के इस जवान ने सीमा पर अपने देश और देशवासियों की सुरक्षा करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की। अपनी ड्यूटी निभाते हुए बचे समय में पढ़ाई की और पांचवीं कोशिश में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए सफल हो गए। इतना ही नहीं, उन्होंने देश के टॉप 20 में जगह बनाई। आगे पढ़िए उनकी सफलता की कहानी और सूत्र...

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हरप्रीत अपने दोस्तों के साथ - फोटो : Harpreet Facebook
हरप्रीत सिंह ने बताया, 'साल 2016 में मैंने एक असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ज्वाइन किया। यहां तक यूपीएससी के जरिए ही पहुंचा। फोर्स ज्वाइन करने के बाद मेरी पोस्टिंग भारत और बांग्लादेश की सीमा कर हो गई। सीमा पर मेरी ड्यूटी मुझे अच्छी लगती थी। मैं अपने उस मुश्किल काम को पसंद भी करता था। लेकिन मेरा सपना आईएएस ऑफिसर बनना था। इसलिए सीमा पर ड्यूटी के बाद समय निकाल कर मैं अपने इस लक्ष्य की तैयारी में जुट जाता था।'

27 वर्ष के हरप्रीत ने बताया अपनी सफलता का अहम सूत्र

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हरप्रीत सिंह - फोटो : Harpreet Facebook

हरप्रीत कहते हैं, 'मेरा लक्ष्य मेरे दिमाग में साफ था। इसलिए कोई भी चीज मुझे इससे भटका नहीं पाई। ड्यूटी के अलावा अपना सारा समय मैंने अपने नोट्स पढ़ने में लगाया और पांचवी बार में सफलता हासिल की। पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन मेरा वैकल्पिक विषय था। दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत, इन दो बातों को ही मैं अपनी सफलता का मूल मंत्र मानता हूं। मुझे लगता है कि हमें कभी अपने सपने का पीछा नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे ये कितना भी मुश्किल क्यों न हो। कोशिश करते रहो।'

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जानें हरप्रीत की पढ़ाई, किसमें ली है डिग्री

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हरप्रीत सिंह - फोटो : Harpreet Facebook

लुधियाना (पंजाब) के रहने वाले हरप्रीत ने इससे पहले इंडियन ट्रेड सर्विस (ITS) के लिए भी क्वालिफाई किया था। बताते हैं कि 'साल 2017 में भी मैंने सिविल सेवा की परीक्षा दी थी। तब मुझे 454वीं रैंक मिली थी और मेरा चयन इंडियन ट्रेड सर्विस के लिए हुआ था। तब मैंने बीएसएफ छोड़कर आईटीएस ज्वाइन कर लिया। 2018 में मैंने पांचवीं बार सिविल सेवा की परीक्षा दी। इस बार मुझे 19वीं रैंक मिली और मेरा सपना पूरा हो गया।'

...तो साल में दो बार होगी बोर्ड परीक्षा, 10वीं-12वीं की तरह इन कक्षाओं में भी बोर्ड एग्जाम 

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ये है हरप्रीत का परिवार

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अपने स्कूल में मुख्य अतिथि के रूप में हरप्रीत सिंह - फोटो : Harpreet Facebook

मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में हरप्रीत की ट्रेनिंग होगी। उन्होंने ग्रीन ग्रोव पब्लिक स्कूल से पढ़ाई करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स में बीई डिग्री ली है। हरप्रीत के पिता बिजनेसमैन और मां टीचर हैं।

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