यूजीसी नेट 2018 का फॉर्म भरने वालों के लिए टेंशनभरी खबर है। सीबीएसई के इस फैसले से अभ्यर्थियों को नुकसान झेलना होगा।
UGC NET का फॉर्म भरने वालों के लिए खड़ी हुई नई मुसीबत, अब झेलना होगा नुकसान
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पैटर्न में बदलाव के साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) महंगी हो गई है। परीक्षा के शुल्क में 400 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। नेट के लिए पांच मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। इस बार यूजीसी नेट में तीन के बजाए केवल दो पेपर होंगे। पहले पेपर 100 अंक और दूसरा पेपर 200 अंकों का होगा।
नोटिफिकेशन के मुताबिक पांच अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद छह अप्रैल तक शुल्क जमा कराया जा सकता है। आवेदन पत्र में 25 अप्रैल से एक मई तक त्रुटि सुधार का मौका भी मिलेगा। इसके बाद देशभर में आठ जुलाई को नेट का आयोजन किया जाएगा।
सीबीएसई की ओर से नेट का आयोजन 100 विषयों में कराया जाएगा। 2014 में यह 79 विषयों में, 2015 में 84 विषयों में हुआ था। 2016 से विषयों की संख्या बढ़कर 100 पहुंच गई। इसमें ताजा विषय योगा का जुड़ा था। परीक्षा का शुल्क बढ़ा दिया गया है। इस बार सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को 1000 रुपये, ओबीसी को 500 रुपये और एससी, एसटी, ट्रांसजेंडर को 250 रुपये शुल्क देना होगा। पहले सामान्य का शुल्क 600, ओबीसी का 300 और एससी, एसटी का 150 रुपये था।
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को दोनों पेपर में कम से कम 40-40 प्रतिशत अंक लाने होंगे। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह क्राइटेरिया 35-35 प्रतिशत अंकों का है। इसके बाद शीर्ष छह प्रतिशत अभ्यर्थियों को यूजीसी नेट में क्वालिफाई माना जाएगा। इससे पहले तक तीन पेपर होते थे। पहले और दूसरे पेपर में 40-40 प्रतिशत और तीसरे पेपर में 75 प्रतिशत अंक जाने अनिवार्य होते थे जबकि आरक्षित वर्ग के लिए यह प्रथम व द्वितीय पेपर में 35-35 प्रतिशत और तीसरे पेपर में 60 प्रतिशत का क्राइटेरिया था।
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