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Delhi School: दिल्ली के सभी 1,700 निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून के दायरे में; अभिभावकों को मिलेगा वीटो अधिकार

Sat, 16 Aug 2025 09:26 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sat, 16 Aug 2025 09:26 AM IST
सार

Private Schools Delhi: दिल्ली के सभी 1,700 निजी स्कूल अब नए शुल्क नियंत्रण कानून के दायरे में आएंगे। इसमें अभिभावकों को फीस बढ़ोतरी पर वीटो का अधिकार मिलेगा और मनमानी फीस पर रोक लगेगी।

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All private schools now under new fee regulation law, says Delhi education minister
मंत्री आशीष सूद - फोटो : X/@ashishsood_bjp

Delhi School Fees: दिल्ली सरकार ने शहर के सभी 1,700 निजी स्कूलों को एक नए शुल्क नियंत्रण कानून के तहत शामिल किया है। इस कानून के अनुसार, अब अभिभावकों की भागीदारी होगी और उन्हें शुल्क बढ़ाने पर रोक लगाने का अधिकार (वीटो पावर) भी मिलेगा।



शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को जनकपुरी में आयोजित "अभिभावकों के टाउन हॉल" में बताया कि विधानसभा के मानसून सत्र में पारित दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण और विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 का उद्देश्य मनमानी फीस बढ़ोतरी को रोकना और फीस तय करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।

All private schools now under new fee regulation law, says Delhi education minister
- फोटो : Adobe Stock

नियम तोड़ने पर भारी जुर्माने का प्रावधान

इस संवाद में लगभग 200 अभिभावकों ने भाग लिया, जहां मंत्री ने कानून के प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताया, जिसमें अनुपालन न करने पर दंड का प्रावधान भी शामिल था।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि बिना सरकारी मंजूरी के फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर 1 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, और अगर अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया जाता है तो दोगुना जुर्माना भी लगाया जाएगा।

इसमें कहा गया है कि यह अधिनियम शिक्षा निदेशक को उल्लंघनों के विरुद्ध एक समान कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के समान शक्तियां भी प्रदान करता है।

All private schools now under new fee regulation law, says Delhi education minister
- फोटो : freepik

निजी स्कूल आएंगे फीस नियंत्रण के दायरे में

इसमें कहा गया है कि अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और सरकारी प्रतिनिधियों वाली समितियां स्कूल की फीस तय करने में शामिल होंगी।

सूद ने कहा कि नया कानून 1973 के नियमों की एक खामी को दूर करता है, जिसके तहत केवल 300 स्कूल ही फीस विनियमन के दायरे में आते थे। उन्होंने कहा, "अब, दिल्ली के सभी निजी स्कूल फीस विनियमन के दायरे में आएंगे।"

मंत्री ने निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण के लिए पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने में विफल रहने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना की।

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All private schools now under new fee regulation law, says Delhi education minister
Teacher job - फोटो : freepik

छात्रों के हितों की रक्षा और शिक्षा के व्यावसायीकरण पर रोक

उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने शिक्षा में क्रांति लाने का दावा किया, उन्होंने सरकारी स्कूलों में वास्तविक सुधार नहीं किए।" उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक शिक्षा सुविधाओं की खराब स्थिति के कारण कई अभिभावकों ने निजी स्कूलों का रुख किया।

कानून के अनुसार, फीस प्रस्तावों पर स्कूल-स्तरीय समितियों द्वारा 15 जुलाई तक, जिला-स्तरीय समितियों द्वारा 30 जुलाई तक और सितंबर तक अंतिम निर्णय लिया जाना चाहिए। यदि 45 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो मामला अपीलीय समिति को भेज दिया जाएगा।

सूद ने कहा कि शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों के साथ परामर्श के बाद कानून का मसौदा तैयार किया गया था।

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