फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   SRCC Centenary: PM Modi Calls Alumni ‘OGs’, Recalls 2013 Speech and Praises India’s Growth

एसआरसीसी: पीएम मोदी ने किसे कहा 'ओजी', क्या होता है इसका मतलब? अरुण जेटली-संजीव सान्याल का भी किया जिक्र

Sat, 05 Sep 2026 08:44 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 05 Sep 2026 08:44 PM IST
सार

PM Modi: श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉलेज के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए उन्हें खास संबोधन दिया। उन्होंने 2013 के अपने चर्चित संबोधन को भी याद किया और भारत की आर्थिक वृद्धि का जिक्र किया। जानें उन्होंने किसे 'ओजी' कहा और इसकी फुल फॉर्म क्या है...
 

विज्ञापन
SRCC Centenary: PM Modi Calls Alumni ‘OGs’, Recalls 2013 Speech and Praises India’s Growth
एसआरसीसी के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

PM Modi: नई दिल्ली स्थित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉलेज की 100 साल की यात्रा और यहां से निकले विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की। शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित समारोह में पीएम मोदी ने एसआरसीसी के पूर्व छात्रों को खास अंदाज में संबोधित किया। 

विज्ञापन

विज्ञापन

पीएम मोदी ने ‘OG’ किसे कहा और इसका मतलब क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसआरसीसी के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्हें ‘ओजी’ कहा। ‘ओजी’ का पूरा रूप ओरिजिनल गैंगस्टर (Original Gangster) होता है। हालांकि, बोलचाल की भाषा में इसका इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति के लिए भी किया जाता है जो अपने क्षेत्र में पुराना, असली या प्रभावशाली नाम हो।


पीएम मोदी ने कहा कि एसआरसीसी के पूर्व छात्र भी बहुत खास रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज के पूर्व छात्रों ने अर्थव्यवस्था और राजनीति से लेकर कला, कानून और न्यायपालिका तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।
 

100 साल पूरे होने पर एसआरसीसी को क्या कहा?

पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई व्यक्ति 100 साल जीता है तो उसे अनुभव का सागर माना जाता है। वहीं, जब कोई संस्थान 100 साल पूरे करता है तो वह उपलब्धियों और प्रेरणा का सागर बन जाता है।

उन्होंने कहा कि 100 साल की यात्रा में एसआरसीसी ने कई पीढ़ियों को तैयार किया और उन्हें बेहतर भविष्य से जोड़ा। यहां आने वाले विद्यार्थियों ने पढ़ाई की और यहां से निकलने के बाद बेहतर व्यक्तित्व के रूप में आगे बढ़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि एसआरसीसी ने कई पीढ़ियों के विद्यार्थियों और नेताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विज्ञापन

एसआरसीसी का नाम लेना ही ‘फ्लेक्स’ क्यों बताया?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भी दिल्ली विश्वविद्यालय में जब कोई पूछता है कि आपने किस कॉलेज से पढ़ाई की है और जवाब में ‘एसआरसीसी’ कहा जाता है, तो यह अपने आप में काफी कुछ बताता है।

‘धुरंधर न हो, लेकिन धूम तो मचाई है’, पीएम मोदी ने क्यों कहा?

एसआरसीसी के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने अंदाज में कहा, “धुरंधर न हो, लेकिन धूम तो मचाई है।” उन्होंने कहा कि कॉलेज के पूर्व छात्रों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।

पीएम मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जेटली अक्सर अपने कॉलेज के दिनों के किस्से सुनाया करते थे। इसके अलावा उन्होंने अपनी टीम के सदस्य और एसआरसीसी के पूर्व छात्र संजीव सान्याल का भी उल्लेख किया।

दिल्ली मेट्रो से एसआरसीसी पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली मेट्रो से उत्तर दिल्ली स्थित एसआरसीसी परिसर पहुंचे। यात्रा के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों और मेट्रो में मौजूद अन्य यात्रियों से बातचीत भी की।कॉलेज पहुंचने पर अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद उन्हें सम्मानित किया गया और स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

एसआरसीसी की शताब्दी पर 100 रुपये का सिक्का भी जारी

शताब्दी समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एसआरसीसी की 100 साल की यात्रा को यादगार बनाने के लिए 100 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी किया।

एसआरसीसी की स्थापना वर्ष 1926 में उद्योगपति और समाजसेवी सर श्रीराम ने की थी। यह दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख संस्थानों में शामिल है और वाणिज्य, अर्थशास्त्र तथा प्रबंधन की पढ़ाई के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed